कोरोना महामारी के दौरान लोगों ने बहुत सी कठिनाइयों का सामना किया है। कोरोना से बचने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में बहुत से लोग बीमार हुए थे। यह ऐसा भयानक दौर था, जिसमें आर्थिक तंगी के साथ-साथ लोग मानसिक स्वास्थ्य से भी परेशान थे। लॉकडाउन के समय में कई लोगों को डिप्रेशन और एंग्जाइटी का सामना भी करना पड़ा था। लॉकडाउन के समय टीनएज लड़कियों की मेंटल हेल्थ पर भी काफी बुरा असर पड़ा था। हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक लॉकडाउन ने टीनएज लड़कियों के दिमाग को समय से पहले ही बूढ़ा कर दिया था।
टीनएज लड़कियों की मेंटल हेल्थ पर असर
प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेश्नल अकादमी ऑफ साइंस (Proceedings of the National Academy of Sciences) में छपी इस स्टडी के अनुसार, लॉकडाउन में लड़कों के मुकाबले किशोर अवस्था की लड़कियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा असर पड़ा था। उनके दिमाग की क्षमता कम होने के साथ ही दिमाग जल्दी-जल्दी बूढ़ा होने लगा था। शोधकर्ताओं ने इस पर एक स्टडी की जिसमें चौंका देने वाले नतीजे सामने आए। नतीजों में पाया गया कि टीनएज लड़कियों का दिमाग लड़कों की तुलना में 4.2 साल तक ज्यादा बूढ़ा हो गया।

दिमाग में हुए कई तरह के बदलाव
शोधकर्ताओं की मानें तो लॉकडाउन के समय में टीनएज लड़कियों के दिमाग (Teenage Girls Mental Health) पर कई तरीकों से असर पड़ा था। लड़कियों में डिप्रेशन, एंग्जाइटी, खाने की प्रक्रिया में बदलाव होने के साथ-साथ उनके व्यवहार में भी बदलाव हुआ था हालांकि, यह समस्या लड़कों में भी देखी गई थी। लड़कों में दिमाग बूढ़े होने का आंकड़ा 1.4 था। शोधकर्ताओं ने लॉकडाउन से पहले और बाद के बदलावों को करीब से देखा था। दोनों के नतीजे हैरान करने वाले थे।
दिमाग को तेज बनाने के तरीके
. दिमाग को तेज बनाने के लिए आपको मेंटल हेल्थ से जुड़ी एक्सरसाइज और मेडिटेशन करना चाहिए।
. इसके लिए आपको अपने खान-पान को अच्छा रखना चाहिए।

. दिमाग को तेज बनाने के लिए अपने सोशल कनेक्शन को बढ़ाएं और पूरी नींद लें।
. इसके लिए प्राणायाम और माइंडफुलनेस का अभ्यास भी जरुर करें।
