यूटीआई यानी कि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यह एक आम समस्या है जो पेशाब के रास्ते में संक्रमण के कारण होती है। इससे पेशाब करते समय जलन, दर्द और बार-बार पेशाब आने की तकलीफ होती है, लेकिन क्या बार-बार यूटीआई होना कैंसर का लक्षण हो सकता है? यह सवाल बहुत से लोगों के मन में आता है। तो चलिए आज आपको आज हम आपको बताते हैं कि बार-बार यूटीआई होने का क्या मतलब होता है और क्या इसे लेकर चिंता करने की जरूरत है।
इसलिए महिलाओं को होती है ज्यादा
यूटीआई यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन एक ऐसी समस्या है जो महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है, लेकिन पुरुष भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। इसका मुख्य कारण महिलाओं की शारीरिक बनावट है। महिलाओं का मूत्रमार्ग छोटा होता है जिसके कारण बैक्टीरिया आसानी से ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं। महिलाओं में यूटीआई होने की संभावना इसलिए भी ज्यादा होती है क्योंकि शारीरिक संरचना के कारण से मूत्रमार्ग और मलाशय एक-दूसरे के करीब होते हैं, जिससे बैक्टीरिया का संक्रमण जल्दी फैल सकता है।

बार-बार यूटीआई होना कैंसर का लक्षण
यह सवाल अक्सर सभी लोगों के मन में आता है कि यदि बार-बार यूटीआई हो रहा है तो क्या यह कैंसर का संकेत हो सकता है। तो चलिए जानते हैं एक्सपर्ट की राय।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं
विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार यूटीआई होना हमेशा कैंसर का लक्षण नहीं होता है। यूटीआई आमतौर पर बैक्टीरिया के कारण होता है और इसका इलाज एंटीबायोटिक्स से किया जा सकता है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति बार-बार यूटीआई से पीड़ित है और इसके साथ ही खून का आना, वजन कम होना या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में, बार-बार यूटीआई होने के कारण शरीर में किसी गंभीर समस्या, जैसे ब्लैडर कैंसर या किडनी से जुड़ी बीमारी, हो सकती है। इसलिए, यदि यूटीआई बार-बार हो रहा है, तो डॉक्टर से परामर्श जरुर करें।
क्या करें
यदि आपको बार-बार यूटीआई हो रहा है, तो इसे हल्के में न लें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार ही इलाज करवाएं। यूटीआई का बार-बार होना आपके शरीर में किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, इसलिए समय पर इलाज बहुत जरूरी है। डॉक्टर आपको सही दवाइयां और इलाज का तरीका बताएंगे, जिससे आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं।

ऐसे पाएं इससे राहत
इसके अलावा, कुछ आदतें अपनाकर भी आप यूटीआई से बच सकते हैं।
सबसे पहले, साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
हमेशा अपने प्राइवेट पार्ट्स को साफ और सूखा ही रखें।

पेशाब के बाद और शौच के बाद सफाई का सही तरीका अपनाएं।
खूब पानी पिएं, क्योंकि पानी ज्यादा पीने से शरीर से बैक्टीरिया निकल जाते हैं और यूटीआई का खतरा कम होता है।
पानी के अलावा नारियल पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
