कार्डियो वर्कआउट सेहत के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर शरीर को फिट रखने में मदद करती है। रेगुलर तौर पर कार्डियो करने से स्टेमिना भी बढ़ता है। हालांकि जिम में या फिर बाहर कार्डियो करते समय हार्ट बीट काफी तेज हो जाती है जिससे यह सवाल उठता है कि कार्डियो करते समय कितना हार्ट रेट सही होता है कितना खतरनाक हो सकता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।

कार्डियो करते समय इतनी होनी चाहिए हार्ट रेट

कार्डियो वर्कआउट करते समय हार्ट रेट बढ़ती है। एक हद तक हार्ट रेट बढ़ना तो ठीक होता है, जो बाद में नॉर्मल भी हो जाता है लेकिन ज्यादा हार्ट रेट खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिम में कार्डियो करते समय हार्ट रेट कितनी होनी चाहिए। यह काफी मुश्किल सवाल है, क्योंकि हार्ट रेट उम्र, फिजिकल एक्टिविटीज के लेवल, ओवरऑल हेल्थ और दवाईयों पर निर्भर करती है।

मैक्सिमम हार्ट अटैक कैसे निकालें

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, एक्सरसाइज करते हुए मैक्सिमम हार्ट रेट 50% से 85% तक पहुंच सकता है। किसी इंसान की उम्र को करीब 220 हार्ट बीट प्रति मिनट से घटाकर अधिकतम हार्ट रेट पाई जा सकती है। यदि किसी की उम्र 30 साल है तो उसकी मैक्सिमम हार्ट रेट 220-30 = 190 BPM करीब होगी।

मैक्सिमम हार्ट अटैक मापने के कुछ अन्य तरीके

किसी इंसान के लिए मैक्सिमम हार्ट रेट चेक करने का सबसे अच्छा और सटीक तरीका ट्रेडमिल टेस्ट माना जाती है। इसमें चेस्ट से हार्ट रेट मॉनिटर किया जाता है। इसके अलावा हार्ट रेट चेक करने के लिए आप तनाका फॉर्मूला, गुलाटी फॉर्मूला, स्मार्टवॉच भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

तनाका फॉमूला हार्ट रेट निकालने का तरीका

मैक्सिमम हार्ट रेट के लिए 208 (उम्र x 0.7) का फॉमूला दिया है। यदि किसी की उम्र 30 साल है तो 208- (30x 0.7) = 187 बीपीएम होगा।

गुलाटीफार्मूला से हार्ट रेट कैसे निकालें

मैक्सिमम हार्ट रेट लिए 206- (उम्र x 0.88) का फॉमूला दिया है। यदि किसी की उम्र 30 साल है तो उसका मैक्सिमम हार्ट रेट 206- (30x 0.88) = 179.6 बीपीएम।

By tnm

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