अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें रेड मीट खाना बहुत ज्यादा पसंद है, खासकर प्रोसेस्ड रेड मीट तो हो जाएं सावधान। दरअसल हाल ही में एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि रेड मीट खाने से आपको भूलने की बीमारी हो सकती है। आपको बता दें कि इस बात का खुलासा खुद अल्जाइमर असोसिएशन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपनी एक स्टडी में किया है। साथ ही शोध में बताया गया है कि जो लोग बहुत मात्रा में प्रोसेस्ड रेड मीट का सेवन करते हैं, उनमें अधिक मात्रा में डेमेंशिया होने का जोखिम पाया गया है। वहीं जो लोग इसकी जगह नट्स, बीन्स या दाल का सेवन करते हैं, वें इस बीमारी से बचें हुए हैं।
जानें रेड मीट और डेमेंशिया के बीच का संबंध
एक्सपर्ट्स के मुताबिक प्रोसेस्ड रेड मीट और डेमेंशिया के बीच एक संभावित लिंक है। दरअसल सॉसेज और बेकन जैसी चीजों में फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है। जब लोग इसका अत्यधिक सेवन करते हैं तो इससे धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगते हैं। जिस वजह से एथेरोस्क्लेरोसिस यानी धमनियां संकुचित हो जाती है, और दिमाग में ब्लड फ्लो प्रभावित होने लगती है। बता दें कि इस कंडीशन में ब्रेन सेल्स को ऑक्सीजन और न्यूट्रिशन पर्याप्त मात्रा में पहुंच नहीं पाता है, जिससे संज्ञानात्मक गिरावट हो सकती है। यही नहीं इससे डेमेंशिया होने का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है।
रेड मीट के सेवन से होने वाली अन्य बीमारियां
हार्ट डिजीज की समस्या
हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी होना
कोरोनरी आर्टरी डिजीज
स्ट्रोक की बीमारियां होना
रेड मीट कैसे बनता है डेमेंशिया का कारण
आपको बता दें कि जब हम मांस को ग्रिलिंग, फ्राइंग या ब्रॉयलिंग जैसी हाई हीट तरीके से पकाते हैं तो इसमें हेटेरोसाइक्लिक एमाइन्स (HCAs) और पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन्स (PAHs) जैसे खतरनाक कैमिकल बनते हैं। वहीं यह कैमिकल ब्रेन में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन का कारण बबनता है, जिससे दिमाग के सेल्स खराब होने लगते हैं और ब्रेन पर एजिंग तेजी से बढ़ने लगता है जो न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों जैसे अल्जाइमर और डेमेंशिया का कारण बनते हैं।
इससे बचाने के उपाय
स्टडी के मुताबिक प्रोसेस्ड रेड मीट की जगह अगर नट्स और फलियों का सेवन किया जाए तो डेमेंशिया के जोखिम से बचा जा सकता है। दरअसल से नट्स और फलियों में महत्वपूर्ण पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जो मेंटल हेल्थ को दुरुस्त बनाए रखने में काफी हेल्प करते हैं।
