भारत मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर इन दिनों स्पेस में फंसे हुए हैं। दोनों करीब 50 दिन से स्पेस में फंसे हैं। दोनों एस्ट्रोनॉट 5 जून को बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए गए थे। उनका यह मिशन सिर्फ 10 दिनों का ही था लेकिन स्पेसक्राफ्ट में कुछ तकनीकी खराबी के कारण उन्हें अब वापसी में समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो सुनीता विलियम्स और विल्मोर को बाहरी अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण खिंचाव की कमी के कारण मांसपेशियों और हड्डियों की डेंसिटी कम होने का खतरा है। इस कंडीशन को ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं। इसके अलावा भी उन्हें स्पेस में कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।
एस्ट्रोनॉट को हो सकती हैं ये हेल्थ प्रॉब्लम
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो मांसपेशियों को नुकसान और हड्डियों की डेंसिटी का शरीर पर अंतरिक्ष और धरती दोनों जगह असर हो सकता है। पृथ्वी पर सरकोपेनिया से ताकत, संतुलन और गतिशीलता कम होती हैं जिससे अचानक से गिरने और फ्रैक्चर का खतरा भी बढ़ता है। वहीं ऑस्टियोपोरोसिस नाम की बीमारी के कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनके टूटने का जोखिम भी रहता है। इन दोनों ही समस्याओं में व्यक्ति के लिए सर्वाइव करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसके कारण जिंदगी में आगे भी कई सारी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं।
स्पेस में हो सकती हैं ये स्वास्थ्य समस्याएं
एक्सपर्ट्स की मानें तो स्पेस में गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण एस्ट्रोनॉट्स की मांसपेशियां बहुत ही तेजी से कमजोर होती हैं, क्योंकि वे पृथ्वी के मुकाबले काफी मिनरल्स मुख्यतौर पर कैल्शियम खाती हैं जिसके कारण हड्डियों की डेंसिटी और मांसपेशियों की ताकत में कमी आ जाती है। ऐसे में इस समस्या के साथ जब धरती के गुरुत्वाकर्षण में एस्ट्रोनॉट्स वापिस आते हैं तो उन्हें कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
मसल्स पर भी हो सकता है असर
अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण सुनीता विलियम्स और बुश विलमोर को मांसपेशियों और हड्डियों में घनत्व में कमी महसूस हो सकती है जिसे ऑस्टियोपोरिसस कहा जाता है। आईएसएस (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन) में यदि नियमित तौर पर व्यायाम किया जाए तो बीमारी का प्रभाव कम हो सकता है लेकिन फिर भी जोखिम बना रहता है।
ऐसे करें अपना बचाव
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, नियमित तौर पर एक्सरसाइज और पूरा पोषण धरती और स्पेस दोनों जगह के लिए ही जरुरी होता है। पृथ्वी पर वजन बढ़ाने वाली एक्टिविटीज के अलावा प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर आहार का सेवन करके भी आप समस्या से अपना बचाव कर सकते हैं। यदि आप स्पेस में अच्छे से एक्सरसाइज करते हैं तो बीमारी का प्रभाव कम किया जा सकता है। वहीं यदि स्पेस में अच्छे से एक्सरसाइज और आहार का सेवन करें तो भी समस्या से बचा जा सकता है।
