Shimla : देश के लगभग सभी राज्यों में मानसून दस्तक दे चुका है। ऐसे में नदियों में जल्द स्तर बढ़ जाता है, नदियों में गाद और मिट्टी का आना भी शुरू हो जाता है। वहीँ जल स्त्रोतों में भी इस दौरान गंदा पानी मिक्स होने लगता है। जल स्त्रोत में गाद आने के कारण पानी की सप्लाई में भी मुश्किल होने लगती है। फिर यही पानी आप और हम सभी पी लेते हैं, जिसके कारण इस पानी के सीधे सेवन से कई प्रकार की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बारिश में पानी को उबालकर पीना ही सही है या फिल्टर्ड पानी का सेवन करना चाहिए। इसको देखते हुए शिमला जल्द प्रबंधन निगम लिमिटेड द्वारा लोगों से अपील की गई है।
साफ़ पानी पीने की, की गयी अपील
बता दें पानी को करीब 10 मिनट तक उबाल कर पीना या फिल्टर्ड पानी का सेवन बरसात में होने वाली बीमारियों से राहत देने का काम करता है। ऐसे में शिमला जल्द प्रबंधन निगम लिमिटेड द्वारा लोगों से अपील की गई है कि बरसात में सप्लाई होने वाले पानी को 10 मिनट उबालने के बाद या फिल्टर्ड पानी का सेवन करें। ऐसे मौसम में शरीर में संक्रमण होने का अधिक खतरा होता है। इसमें अधिकतर बीमारियां जल्द जनित ही होती है।
इस मौसम में पीलिया और हैजा होने का खतरा
मानसून के दौरान कई प्रकार की जलजनित बीमारियां फैलती है। इसमें पीलिया, हैजा और कई प्रकार की गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में शरीर में बैक्टेरिया, वायरस और परिजीवियों सहित हानिकारक रोगाणुओं के पनपने का खतरा भी रहता है। लोगों को इस दौरान सावधान रहना चाहिए और अपनी सेहत का भी ख्याल रखना चाहिए।
