बीते कुछ समय से लगातार बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर FSSAI की तरफ से लगातार चेतावनी जारी किया जा रहा है। ऐसे में एक बार फिर एफएसएसएआई ने रिटेल फूड प्रोडक्टस को लेकर चौकानें वाले मामले का खुलासा किया है। बता दें कि इस बार एफएसएसएआई ने गोल गप्पे को लेकर चेतावनी जारी किया है। जी हां अगर आप भी गोल गप्पे खाने के बहुत ज्यादा शौकीन है तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि इसे खाने से आप गंभीर रूप से बीमार पड़ सकते हैं।
जांच में क्या पाया गया
फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने अपने नए डेटा और रिपोर्ट्स के माध्यम से स्पष्ट किया है कि कई जगहों पर पानी पुरी और अन्य विभिन्न खाद्य उत्पादों में नियमों की उल्लंघन हो रही है। यह खुलासा खासकर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो लोग सड़क के किनारे या बाजारों में रिटेल फूड प्रोडक्टस का सेवन करते हैं।
बता दें कि इस मामले की जांच करने के लिए एफएसएसएआई ने कर्नाटक राज्य से पानी पूरी के 260 नमूनों लिए गए है, जिसमें से 41 नमूनों को असुरक्षित बताया गया क्योंकि उनमें आर्टिफिशियल कलर और कैंसर पैदा करने वाले तत्व मौजूद थे। साथ ही FSSAI के अधिकारियों ने बताया कि अन्य खाद्य उत्पादों की तुलना में, पानी पुरी में उपयुक्त साफ-सफाई की कमी हो सकती है जो खतरे का कारण बन सकती है।
FSSAI ने जारी किया निर्देश
FSSAI ने सामान्य जनता को चेतावनी दी है कि रिटेल फूड प्रोडक्टस की खरीदारी के दौरान सतर्क रहें। उन्होंने बताया है कि खाद्य उत्पादों पर सही मानक और गुणवत्ता की जांच करें, और खासकर रिटेल फूड प्रोडक्टस के मामले में विशेष सावधानी बरतें। वहीं सरकारी निर्देशों के मुताबिक रिटेल फूड प्रोडक्टस के निर्माण और बिक्री में FSSAI के मानकों का पूरा पालन किया जाना चाहिए। साथ ही अगर किसी भी फूड प्रोडक्टस में किसी तरह की खराबी या गंभीरता दिखे तो तुरंत संबंधित अधिकारिक अथॉरिटी को सूचित करना चाहिए।
यही वजह है कि बीते दिनों कर्नाटक में कबाब, गोभी मंचूरियन और कॉटन कैंडी में आर्टिफिशियल कलर के उपयोग को बंद कर दिया है।
आर्टिफिशियल कलर से होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम
कैंसर का बढ़ना जोखिम
हार्ट डिसीज होना
पेट से जुड़ी समस्या होना
किडनी से जुड़ी बीमारी होना
