बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। अपनी एक्टिंग ही नहीं बल्कि इस उम्र में फैंस उनकी फिटनेस के भी दीवाने हैं लेकिन अब हाल ही में एक्टर ने अपने से जुड़ा एक शॉकिंग खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी है। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा था क्योंकि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसके अलावा एक्टर ने बताया कि धूम्रपान की लत के चलते उनके बेटे को भी कई सारी हेल्थ प्रॉब्लम्स हुई थी। उन्हें जब इसका पता चला तो उन्होंने स्मोकिंग से दूरी बना ली थी।
कार्डियोमायोपैथी से जूझ चुके हैं एक्टर
एक्टर ने बताया कि फिल्म क्रांतिवीर का क्लाइमेक्स सीन शूट करने से पहले उन्हें दिल संबंधी समस्या थी। वह कार्डियोमायोपैथी नाम की बीमारी से जूझ रहे थे और उन्हें नानावटी अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा था। कार्डियोमायोपैथी दिल की मांसपेशियों की बीमारी होती है। इसके कारण शरीर के बाकी हिस्सों में खून पंप करने में दिक्कत आती है। डॉक्टर्स की मानें तो दिल संबंधी कोई भी घटना और कुछ दवाईयां खाने के कारण दिल की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। इस बीमारी से जूझ रहे लोगों की मांसपेशियां मोटी और कमजोर होने लगती है। जो लोग कार्डियोमायोपैथी का शिकार हो उनकी मांसपेशियां मोटी और सख्त होने लगती है। ऐसे में डॉक्टर्स की मानें तो कार्डियोमायोपैथी कई लोगों में उम्र के साथ विकसित होती है जिसको एक्वायर्ड कार्डियोमायोपैथी कहते हैं और कुछ लोगों में यह बचपन से होती है जिसको इन्हेरीटेड कार्डियोमायोपैथी कहते हैं।

दो तरह की होती है कार्डियोमायोपैथी
यह दो तरह की होती है डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी और हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी। डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी में दिल की मांसपेशियों की दीवारें खिंचने लगती हैं और यह पतली भी हो जाती है इसके कारण दिल के लिए शरीर के बाकी हिस्सों में खून का पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। दूसरी हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी होती है जिसमें दिल के लेफ्ट वेंट्रीकल का आकार बढ़ने लगता है। इसका सीधा असर ब्लड सर्कुलेशन पर होता है। यह डिसऑर्डर जेनेटिक म्यूटेशन के कारण होती है। हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी के कारण सारी दुनिया में करीबन 500 व्यक्तियों की मौत का कारण बन सकता है।
लक्षण
. किसी भी एक्टिविटी करने के दौरान सांस फूलना
. टांगो, टखनों और पैरों में सूजन हो जाना
. थकान
. दिल में घबराहट होना
. लेटते समय आपको खांसी होना
. सीने में तकलीफ या फिर दबाव लगना
. पेट में सूजन होना

. दिल में घबराहट होते रहना
. चक्कर आना
कारण
इसके कारणों की बात करें तो यदि आप लंबे समय से किसी दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं।
. हार्ट अटैक के कारण आपके दिल की मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है।
. डायबिटीज, मोटापा या फिर हाइपोथायरायडिज्म जैसे मेटाबॉलिक डिसऑर्डर
. दवाईयों के साइड इफेक्ट के कारण
. कीमोथेरेपी के रिएक्शन के कारण
. बहुत ज्यादा शराब पीने से

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
