बिजी लाइफस्टाइल, गलत खान-पान के चलते कई तरह की बीमारियां हो रही हैं। फिजिकल एक्टिविटी भी कम होती जा रही है जिसके कारण इम्यून सिस्टम कमजोर हो रहा है और लोग जल्दी-जल्दी कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ रही हैं। इम्यून सिस्टम शरीर के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करता है यह शरीर को गंभीर और खतरनाक बीमारियों से बचाता है। अगर इम्यूनिटी मजबूत हुई तो आप कई तरह की बीमारियों से दूर रहेंगे। वैसे तो आजकल की आदतें ही इम्यूनिटी को कमजोर बना रही हैं हालांकि इसके कमजोर होने पर शरीर में कुछ लक्षण दिखने लगते हैं जो बहुत से लोग इग्नोर कर देते हैं। तो चलिए आज आपको इस आर्टिकल के जरिए बताते हैं कि कमजोर इम्यूनिटी के क्या लक्षण नजर आते हैं।

पेट संबंधी दिक्कतें

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की मानें तो हमारी इम्यूनिटी करीबन 70% तक पाचन पर निर्भर होती है क्योंकि यही लाभकारी बैक्टीरिया और छोटे-छोटे जीव आंतों को इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। यदि आपको डायरिया रहता है या कब्ज होती है तो इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है।

घाव भरने में समय लगना

शरीर पर अगर कटने, जलने, छिलने या छोटी-मोटी चोट होने पर स्किन तुरंत डैमेज कंट्रोल में मदद करती है और नई त्वचा बनाने लगती है। इसके लिए उस जगह पर जरुरी पोषक तत्वों से भरपूर ब्लड भेजकर घावों को भरने का काम भी शुरु हो जाता है यह सारी प्रक्रिया इम्यून सेल्स पर टिकी होती है। ऐसे में यदि घाव जल्दी न भरे तो इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है। यह लक्षण आपकी कमजोर इम्यूनिटी का हो सकता है।

सर्दी-जुकाम रहना

सर्दियों में या फिर बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम होना आम है। वैसे तो यह 7-10 दिनों में ठीक हो जाता है क्योंकि इंफेक्शन से लड़ने वाले इम्यून सिस्टम को एंटीबॉडी बनाने के लिए कम से कम 3-4 दिन का समय लगता है लेकिन यदि आपका जुकाम ज्यादा दिनों तक रहे तो यह आपकी कमजोर इम्यूनिटी का ही लक्षण हो सकता है।

तनाव रहना

यदि आप तनाव में रहते हैं तो भी आपके इम्यून सिस्टम से आने वाला रिस्पॉन्स बहुत कमजोर हो जाता है। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन की मानें तो तनाव के कारण शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की मात्रा कम हो जाती है जो इंफेक्शन से लड़ने में मदद करती है। यदि आप ज्यादा और लंबे समय तक तनाव में रह रहे हैं तो यह भी कमजोर इम्यूनिटी का लक्षण हो सकता है।

कान में इंफेक्शन या निमोनिया रहना

अमेरिकन एकेडमी ऑफ एलर्जी अस्थमा एंड इम्यूनोलॉजी के अनुसार, एक साल में यदि आपको 4 बार से ज्यादा इंफेक्शन हो या फिर साल में 2 बार से ज्यादा निमोयिना तो इम्यून सिस्टम के कमजोर होने का लक्षण हो सकता है ऐसे में इसको इग्नोर न करें।

 

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

 

By tnm

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