आयुर्वेद में आंवला को सूपरफूड कहा जाता है। ऐसे में जो लोग रोज इसका सेवन करते हैं वह लंबे समय तक जवां दिखते हैं। यह आंखों, बालों, त्वचा और पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है लेकिन आपको बता दें कि सिर्फ आंवला ही नहीं इससे बने पत्ते भी सेहत के लिए लाभकारी रहेंगे। इसमें कई सारे औषधीय गुण मौजूद होते हैं जिनके बारे में शायद आपको न पता हो। आयुर्वेद में आंवले के पत्तों को शरीर के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। यह शरीर के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं होते। यदि आप सुबह खाली पेट इन पत्तों का सेवन करते हैं तो यह शरीर में मौजूद सारी गंदगी को बाहर निकालेंगे। इसके अलावा यह शरीर को डिटॉक्सीफाई भी करते हैं जिससे आप कई तरह की बीमारियों से बचे रहते हैं। तो चलिए आज आपको बताते हैं खाली पेट इन्हें चबाने से आपको क्या-क्या फायदे होंगे।
पत्तों में मौजूद होते हैं यह गुण
आंवला के पत्तों में विटामिन-सी पाया जाता है। इनमें फाइबर भी काफी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है। इसके अलावा आयरन और कैल्शियम का भी यह काफी अच्छा स्त्रोत माने जाते हैं। इनमें मौजूद टैनिन और एंटीऑक्सीडेंट्स आपके बालों और त्वचा को स्वस्थ रखेगा। इसके अलावा पत्तों में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफेक्शन गुण भी होते हैं जो इंफेक्शन से बचाने में मदद करेंगे।

खाली पेट खाने से होंगे ये फायदे
यदि आप सुबह खाली पेट इन पत्तों को चबाएंगे तो आपके शरीर को जरुरी पोषक तत्व मिलेंगे। आंवला आपके शरीर में मौजूद गंदगी को बाहर निकालेगा। यदि आपको पेट संबंधी समस्या है तो आंवले के पत्ते आपके लिए लाभकारी रहेंगे। इन्हें खाने से कमजोरी, थकान और ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगी। इन एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं ऐसे में यह सूजन कम करने में भी मदद करेंगे। गठिया और जोड़ों के दर्द में भी आपको आराम मिलेगा। यह पत्ते आपका लिवर डिटॉक्स करेंगे जिससे आपका मेटाबॉल्जिम तेज होगा। इन्हें खाने से वजन घटाने में मदद मिलेगी।
इस तरह भी कर सकते हैं सेवन
वैसे तो आप इन पत्तों को सुबह खाली पेट चबा सकते हैं। 5 आंवला के पत्ते धो लें। धोने के बाद आप इन्हें चबा सकते हैं। यदि आप चबाना नहीं चाहते तो इनसे पाउडर बना सकते हैं। इसके अलावा पत्तों का जूस बनाकर भी आप आसानी से पी सकते हैं। एक महीने तक यदि आप इन पत्तों को खाएंगे तो आपको खुद असर दिखने लगेगा।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
