हेल्दी रहने के लिए सभी लोग आजकल पोषक तत्वों से भरपूर डाइट ले रहे हैं। पोषक तत्वों से भरपूर डाइट की बात करें तो उसमें मल्टीग्रेन आटा भी अच्छा ऑप्शन रहेगा। कुछ लोग किसी भी समय इसका सेवन कर लेते हैं लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में यहां सवाल यह आता है कि मल्टीग्रेन आटे और नॉर्मल आटे के बीच में क्या फर्क है और इन दोनों का सेवन कब करना चाहिए? आयुर्वेद की मानें तो हर ऋतु में शरीर की जरुरतें अलग-अलग होती हैं। ऐसे में उसी के मुताबिक आपको डाइट लेनी चाहिए। जैसे सर्दियों में ज्यादा कैलोरी और गर्म तासीर वाले फूड्स की ज्यादा जरुरत होती है वहीं गर्मी में हल्का ठंडी तासीर वाला खाना अच्छा माना जाता है। तो चलिए आपको बताते कि कौन सा आटा खाना सेहत के लिए फायदेमंद होगा।

कौन सा आटा खाना फायदेमंद?

मल्टीग्रेन आटा सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें तरह-तरह के अनाजों का मिश्रण होता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स ज्यादा मात्रा में मौजूद होते हैं। यह पोषक तत्व आपके शरीर को मजबूती और ताजगी देंगे। इसके अलावा यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करेगा और हार्ट हेल्थ को अच्छा बनाएगा।

सर्दियों में फायदेमंद है यह आटा

आयुर्वेद की मानें तो ऋतुओं के मुताबिक खाने के प्रकार और गुण बदलते ही रहते हैं। गर्मियों में ठंडा अनाज जैसे गेंहू और जौ खाना फायदेमंद होगा लेकिन सर्दियों में गेंहू न खाने की सलाह दें क्योंकि यह ठंडा अनाज होता है इस मौसम में यह शरीर को ठंडा रखेगा। ऐसे में सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए रागी, बाजरा और मक्का जैसे गर्म तासीर वाली चीजें खाना ज्यादा फायदेमंद होगा।

मल्टीग्रेन आटा खाना रहेगा बेहतर

एक्सपर्ट्स की मानें तो मल्टीग्रेन आटा नॉर्मल गेंहू के आटा खाने से बेहतर होगा। इसे खाना भी चाहिए लेकिन कुछ लोग इकट्ठा आटा पिसवाकर रख लेते हैं लेकिन पूरा साल एक बार में आटा पिसवाकर न खाएं। मल्टीग्रेन आटे को मौसम के अनुसार ही पिसवाना चाहिए।

नॉर्मल आटे और मल्टीग्रेन आटे में अंतर

नॉर्मल आटा या गेहूं का आटा सिर्फ एक तरह के अनाज से बनाया जाता है वहीं मल्टीग्रेन आटा कई तरह के अनाजों का मिश्रण होता है। इस मिश्रण में ज्यादा पोषक तत्व होते हैं और यह शरीर को एनर्जी देते हैं। वहीं मल्टीग्रेन आटा फाइबर से भरपूर माना जाता है इससे पाचन क्रिया में मदद मिलेगी और कब्ज की समस्या भी नहीं होगी। यह आटा ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करने में फायदेमंद होगा वहीं गेहूं का आटा डायबिटीज रोगियों के लिए इतना फायदेमंद नहीं माना जाता। आयुर्वेद की मानें तो नॉर्मल आटा ऋतु के अनुसार, नियंत्रित करना चाहिए। गर्मियों में गेहूं का सेवन फायदेमंद है लेकिन इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए। ऐसे ही मल्टीग्रेन आटा आयुर्वेद के अनुसार, ऋतु के अनुसार खाया जाए तो फायदेमंद रहेगा।

इस बात का भी रखें ध्यान

मल्टीग्रेन आटा नॉर्मल आटे से ज्यादा फायदेमंद होता है लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इसका सेवन सही ऋतु और शरीर के संतुलन के अनुसार करें। आयुर्वेद की मुताबिक, शरीर की प्रकृति और मौसम के अनुसार ही अनाज खाना चाहिए।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *