बच्चेदानी में आने वाले असामान्य उभार को गांठ कहते हैं। वैसे ज्यादातर गांठें कैंसर रहित ही होती हैं। यह स्थिति महिलाओं में काफी आम है। इसके कारण उन्हे हैवी ब्लीडिंग, पीरियड्स के बीच में स्पोटिंग, पेलिवक एरिया में दर्द जैसी समस्याएं होने लगती है ऐसे में आप बिल्कुल भी बच्चेदानी की गांठ को नजरअंदाज न करें। धीरे-धीरे से गंभीर रुप धारण कर लेती है। इसका इलाज करवाने के लिए डॉक्टर की सलाह जरुर लें और जल्दी रिकवरी के लिए आप घरेलू तरीके भी अपना सकते हैं। तो चलिए आज आपको इस आर्टिकल के जरिए कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताते हैं जिनके जरिए आप समस्या से राहत पा सकते हैं।

अदरक वाली चाय

बच्चेदानी में होने वाली गांठ को दूर करने के लिए आप अदरक की चाय पी सकते हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो कि सूजन और दर्द से भी राहत दिलवाएंगे। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीकार्सिनोजेनिक भी पाए जाते हैं जो कि गांठ के कारण होने वाली समस्याओं को दूर करेंगे।

नींबू का रस

इस समस्या को कम करने के लिए आप नींबू का रस ले सकते हैं। इसमें मौजूद साइट्रिक एसिड आपकी परेशानी दूर करेगा। नियमित तौर पर एक चुटकी बेकिंग सोडा के साथ आप इसे ले सकते हैं।

ग्रीन टी

बच्चेदानी में होने वाली गांठ को दूर करने के लिए आप ग्रीन टी पी सकते हैं। यह यूट्रस फाइब्रॉएड के कारण होने वाली समस्या को दूर करेगी। इसमें पाए जाने वाले बायोफ्लेवोनॉयड यूट्रस के आकार और संख्या को कम करने में मदद करेंगे। इसके अलावा ग्रीन टी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो कि विषाक्त पदार्थ दूर करेंगे।

लहसुन

इसको नियमित तौर पर चबाने से गांठ का विकास कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। इसमें विटामिन-सी और विटामिन-बी6 काफी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है यह शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम करेगा और पेल्विक से जुड़ी समस्याएं कम करेगा।

अलसी के बीज

आप अलसी के बीज ले सकते हैं। इनके सेवन से शरीर में एंड्रोजन का स्तर कम होगा। महिलाओं में एण्ड्रोजन लेवल बढ़ने के कारण PCOS का खतरा रहता है ऐसे में इसके कारण गांठ बनने का खतरा रहेगा। ऐसे में आप अलसी के बीजों का सेवन कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

By tnm

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