पिछले कुछ सालों से हार्ट संबंधी समस्याएं बहुत तेजी से बढ़ती जा रही हैं। पहले यहां यह समस्या सिर्फ बुजुर्गों या उम्रदराज लोगों को होती थी लेकिन आजकल के गलत खान-पान के चलते अब युवा भी इसका शिकार होते जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के कारण हर साल 5 में से 4 लोगों की मौत हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण हो रही है और इसके पीछे का मुख्य कारण खराब लाइफस्टाइल है। जब धमनियों में ब्लॉकेज आती है तो हार्ट अटैक की समस्या होती है लेकिन बहुत से लोग नहीं जानते हैं कि धमनियों में ब्लॉकेज होने का मुख्य कारण क्या है। तो चलिए आज इस आर्टिकल के जरिए आपको बताते हैं इस बारे में।
धमनियां ब्लॉक होने का कारण
डॉक्टर्स की मानें तो धमनियां ब्लॉक होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। धमनियों में ब्लॉकेज उस समय आती है जब इनमें कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और फैट ज्यादा मात्रा में इक्ट्ठा हो जाता है। इसके चलते हार्ट तक ब्लड की सप्लाई भी अच्छे से नहीं हो पाती और ब्लड फ्लो रुक जाता है। इसी वजह से धमनियों में प्लॉक जम जाता है और उनमें ब्लॉकेज आने लगती है। इसके कारण धमनियां संकुचित भी हो जाती हैं और व्यक्ति कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का शिकार हो जाता है।

शरीर में होंगे कई बदलाव
धमनियों में जब ब्लॉकेज होती है तो शरीर में कई तरह के बदलाव आपको दिख सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपके दिल तक ऑक्सीजन और ब्लड भी अच्छे से नहीं पहुंच पाता जिसके कारण छाती में दर्द होने के साथ-साथ सांस लेने में भी कठिनाई होती है। धमनियों में ब्लॉकेज हो जाने के कारण शरीर के कुछ हिस्से सुन्न भी हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको कई बार स्ट्रोक आएगा। यदि समय पर इसका इलाज नहीं करवाते तो आपकी समस्या बढ़ सकती है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
