डायबिटीज आजकल एक सामान्य बीमारी बन गई है, जो किसी भी उम्र और किसी भी वर्ग के व्यक्ति को प्रभावित कर रही है। विशेषकर शहरी इलाकों में रहने वाले 30 साल से अधिक उम्र के लोग इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। गलत खानपान, खराब लाइफस्टाइल और मानसिक तनाव इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद की कमी भी डायबिटीज का कारण बन सकती है? हालिया शोध में यह साबित हुआ है कि 6 घंटे से कम की नींद लेने से डायबिटीज होने का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
नींद और डायबिटीज का संबंध
डायबिटीज तब होती है जब शरीर में इंसुलिन का उत्पादन जरूरत के हिसाब से नहीं होता है और रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। इसे टाइप-1 डायबिटीज कहा जाता है, जो मुख्य रूप से जेनेटिक कारणों से होती है। वहीं टाइप-2 डायबिटीज अधिकतर खराब खानपान और जीवनशैली के कारण होती है। पिछले कुछ सालों में टाइप-2 के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और नींद की कमी को इसके एक बड़े कारण के रूप में पहचाना गया है।
शोध में हुआ खुलासा
मेडिकल जर्नल द नेचर में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार 6 घंटे से कम की नींद डायबिटीज के खतरे को बढ़ाती है।शोधकर्ताओं के मुताबिक नींद और डायबिटीज का गहरा संबंध है। जब किसी व्यक्ति को पर्याप्त नींद नहीं मिलती है, तो शरीर में इंसुलिन रेसिस्टेंस हो जाता है, जिससे रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। नींद की कमी से शरीर में कोर्टिसॉल हार्मोन का स्तर भी बढ़ता है, जो ब्लड शुगर को और अधिक बढ़ा देता है, और यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इससे डायबिटीज हो सकती है।
इन लोगों को है ज्यादा खतरा
जिन लोगों के परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, जो अधिक वजन वाले हैं, और जिनका खानपान सही नहीं है, उन्हें डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा होता है। मोटापा भी डायबिटीज से संबंधित है, क्योंकि शरीर में बढ़ा हुआ फैट इंसुलिन रेसिस्टेंस को बढ़ाता है। शोध में यह भी पाया गया है कि बढ़ा हुआ बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) डायबिटीज के खतरे को तीन गुना बढ़ा सकता है। वहीं जो लोग लंबे समय से नींद की कमी का सामना कर रहे हैं, उन्हें भी डायबिटीज होने का खतरा रहता है।
अच्छी नींद कैसे लें
डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों की सलाह है कि नींद का पैटर्न सुधारने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जाएं:
रात को सोने से 2 घंटे पहले खाना खाएं
इससे पाचन में मदद मिलती है और नींद अच्छी आती है।
रात को फोन या लैपटॉप का उपयोग न करें
इन उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी नींद में विघ्न डाल सकती है।
चाय या कॉफी से बचें
इनमें मौजूद कैफीन से नींद में समस्या हो सकती है।
सोने का एक नियमित समय तय करें
हर दिन एक ही समय पर सोने से शरीर की नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।
नींद लें पूरी लें
यह शरीर के लिए जरूरी है ताकि आप ताजगी महसूस कर सकें और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें।
