महिलाओं में लो लिबिडो यानी सेक्शुअल डिजायर की कमी होना एक आम समस्या है। यह शारीरिक, भावनात्मक और लाइफस्टाइल से जुड़े अलग कारणों से हो सकती है। लो लिबिडो का अर्थ होता है कि यौन इच्छा में कमी जो महिलाओं के व्यक्तिगत और वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित करेगी। आज के तनावपूर्ण जीवन, बढ़ती जिम्मेदारियों और समय की कमी के कारण महिलाएं अपने यौन स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं, जिसके कारण कई तरह की समस्याएं भी होने लगती हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, लो लिबिडो के कई कारण हो सकते हैं तो आइए आज इस आर्टिकल के जरिए आपको इस बारे में बताते हैं।

कारण

महिलाओं में लो लिबिडो के कई कारण हो सकते हैं, जो शारीरिक, मानसिक और जीवनशैली से जुड़े होंगे।

स्वास्थ्य समस्याएं

डायबिटीज, थॉयराइड या लगातार दर्द जैसी समस्याएं लिबिडो को प्रभावित करेगी।

मनोवैज्ञानिक कारण

स्ट्रेस, चिंता, डिप्रेशन या रिश्ते से जुड़ी समस्याएं भी यौन रुचि को कम करेंगी।

हार्मोनल बदलाव

मेनोपॉज, प्रेग्नेंसी और स्तनपान के दौरान एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन में उतार-चढ़ाव होता है, इसके कारण भी यौन इच्छा कम हो सकती है।

लाइफस्टाइल से जुड़े कारण

खराब नींद, फिजिकल एक्टिविटी की कमी या ज्यादा शराब का सेवन भी लो लिबिडो का कारण बनेगा।

दवाइयों का असर

एंटीडिप्रेसेंट, एंटीहिस्टामिन या हार्मोनल गर्भनिरोधक दवाइयों के सेवन से भी यौन इच्छा में कमी आ सकती है।

लक्षण

. सेक्शुअल एक्टिविटी यानी यौन गतिविधि में रुचि की कमी।

. यौन कल्पनाओं यानी की सेक्शुअल फैंटेसी या विचारों की कमी।

. यौन उत्तेजना प्राप्त करने में कठिनाई।

. यौन इच्छा में कमी के कारण मानसिक तनाव और चिंता।

ऐसे बढ़ाएं लो लिबिडो

लाइफस्टाइल में करें सुधार

नियमित एक्सरसाइज करें, बैलेंस डाइट लें और अच्छी नींद लें। इससे आपकी एनर्जी का स्तर बढ़ेगा और और मूड बेहतर बनेगा।

इमोशनल अटेचमैंट बढ़ाएं

अपने साथी से खुलकर बात करें और रिश्ते के मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करें। इससे आपके रिश्ते में अंतरंगता बढ़ेगी।

सेक्स थेरेपी या काउंसलिंग

किसी पेशेवर से काउंसलिंग लें या फिर सेक्स थेरेपी लें। इससे मानसिक और भावनात्मक समस्याओं को सुलझाया जा सकेगा जो कि आपकी यौन जीवन यानी की सेक्स लाइफ को प्रभावित कर रही होगी।

कारणों को पहचानें

यदि आपको लो लिबिडो की समस्या हो तो सबसे पहले डॉक्टर की सलाह जरुर लें। किसी शारीरिक बीमारी या दवाई के असर की जांच करवाएं और जरूरत पड़ने पर दवाइयां बदलें।

प्राकृतिक उपाय करें

कुछ महिलाओं को माका रूट, जिनसेंग, या एल-आर्जिनिन जैसे सप्लीमेंट लेने से फायदा होता है, लेकिन इन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही लें।

हार्मोनल उपचार

अगर हार्मोनल असंतुलन के कारण आपको लो लिबिडो हो तो डॉक्टर की सलाह से एस्ट्रोजन थेरेपी या टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट का इस्तेमाल आप कर सकते हैं।

स्ट्रेस कम लें

मानसिक शांति के लिए माइंडफुलनेस, योग या अन्य रिलेक्सेशन टैक्नीक का अभ्यास जरुर करें। यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करेंगे।

इस बात का भी रखें ध्यान

लो लिबिडो को नजरअंदाज न करें। यह शारीरिक, मानसिक और लाइफस्टाइल से जुड़े कारणों का परिणाम हो सकता है। सही इलाज और ध्यान से आप इसे मैनेज कर सकते हैं। यदि लक्षण बने रहें तो तो डॉक्टर से सलाह लें ताकि सही उपचार किया जा सके और आपकी सेक्शुअल लाइफ और सेक्शुअल एक्टिविटी में सुधार हो पाए।

By tnm

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