हर पेरेंट्स यही चाहते हैं कि उनका बच्चा मोटा हो लेकिन ज्यादातर को यह लगता है कि मोटा होने से ही उनका बच्चा सेहतमंद रहेगा लेकिन, सच्चाई कुछ और ही है डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स की मानें तो पता चलता है कि जिन बच्चों का वजन ज्यादा होता है या जो मोटापे से ग्रसित होते हैं उनको टाइप-2 डायबिटीज व अन्य रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं, दूसरी ओर बच्चों में मोटापा बढ़ने का एक बड़ा कारण अनियमित खानपान, जंक फूड और चीनी से बनी चीजों को माना जा सकता है। यदि, बच्चे किसी चीज जैसे की पिज्जा, बर्गर, फाइज आदि के लिए जिद करते हैं तो पेरेंट्स उनकी इच्छा को तुरंत पूरा कर देते हैं। इस तरह के फूड्स बच्चों में मोटापा बढ़ने में मदद करेंगे। आज वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जा रहा है ऐसे में इस मौके पर आपको बताते हैं कि क्या बच्चों का मोटापा टाइप 2 डायबिटीज की वजह बन सकता है?
आनुवांशिक कारण
आनुवांशिक कारण भी टाइप-2 डायबिटीज में भूमिका निभाते हैं। यदि पेरेंट्स में से किसी को भी टाइप-2 डायबिटीज है तो ऐसे में बच्चों को डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं, मोटापे से ग्रस्त बच्चों में यह जोखिम और भी ज्यादा हो जाता है।

नींद की कमी
अक्सर आपने यह नोटिस किया होगा कि बच्चों को मोबाइल पर अलग-अलग वीडियो गेम खेलना पसंद होता है। ऐसे में बच्चे रात में भी घंटों-घंटों गेम खेलना पसंद करते हैं जिससे उनकी नींद में कमीआने लगती है। यह हार्मोनल बदलाव का कारण भी बनती है और बच्चों को मोटापा भी हो सकता है। ऐसे में मेटाबॉलिज्म प्रभावित होगा और यह डायबिटीज की वजह बनेगा।
मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस
बच्चों में बढ़ते मोटापे की वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस (insulin resistance) की समस्या हो सकती है। जब बच्चे के शरीर में फैट जमा होने लगता है, तो इससे इंसुलिन का सही तरह से उपयोग नहीं हो पाता है। इसी को इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं। शरीर में ब्लड शुगर को नियंंत्रित करने के लिए इंसुलिन की जरूरत होती है। लेकिन जब इसके उत्पादन की क्षमता कम होती है, तो ऐसे में टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है।
हाई कैलोरी फूड खाना
बच्चों में फास्ट फूड, जंक फूड, और मीठे पेय पदार्थों का सेवन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इनमें कैलोरी और शुगर ज्यादा मात्रा में होती है। इनसे मोटापे का खतरा बढ़ेगा और शरीर में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगेगा। हाई कैलोरी फूड और कम शारीरिक गतिविधियों से शरीर में मोटापा बढ़ेगा, जिससे टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

ऐसे करें बच्चों का बचाव
बच्चों की लाइफस्टाइल को मैनेज करके आप मोटापे का खतरा कम कर सकते हैं इसके लिए आप बच्चे को ज्यादा से ज्यादा फिजिकली एक्टिविटी में पार्टिसिपेट करवाएं। इसके अलावा, उनके भोजन में पोष्टिक और संतुलित डाइट फॉलो करें इससे बच्चे का मोटापा कंट्रोल रहेगा और उनको सेहत से जुड़ी समस्याओं का जोखिम कम होगा।
