बहुत बार हम ये सोचते हैं कि बच्चों का मूड या व्यवहार, उनकी उम्र या पर्सनेलिटी पर निर्भर करता है। लेकिन कहीं बार ये सब उनकी नींद पर भी निर्भर करता है। नींद की कमी भी व्यवहार में बदलाव का एक प्रमुख कारण हो सकती है। एक अध्ययन में पता चला कि नियमित सोने का समय रखने वाले बच्चों में इमोशन और बिहेवियर को कंट्रोल करने की बेहतर शक्ति होती है।

143 बच्चों पर हुआ अध्य्यन

आपको बता दें कि अध्ययन में छ: साल के 143 बच्चों को शामिल किया गया था। अध्य्यन से पता चला कि नियमित सोने का समय रखने वाले बच्चों ने अपने व्यवहार और भावनाओं को बेहतर ढंग से कंट्रोल किया। और अनियमित सोने का समय रखने वाले बच्चों में कम आत्म-नियंत्रण देखा गया।

इस तरह की गई बच्चों पर स्टडी

सात दिनों तक बच्चों के हाथ में मॉनिटर पहनाया गया। जिससे उनकी नींद की अवधि और क्वावलिटी को रिकॉर्ड किया जाता था। उन्हें काम दिया गया, जिसमें बच्चों को एक लॉक बॉक्स में रखा एक खिलौना प्राप्त करना था।

बॉक्स खोलने के लिए बच्चों को चाबियों का सेट दिया गया जो लॉक नहीं खोलती थीं। इससे बच्चों के आत्म-नियंत्रण का ओवरव्यू किया गया। इसमें पाया गया कि जिन बच्चों के सोने का समय हर रात बदलता रहता था, वे अपने व्यवहार और भावनाओं को कंट्रोल करने में सक्षम नहीं थे।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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