कहते हैं अच्छी और हेल्दी बॉडी के लिए डाइजेशन का सही होना जरुरी है। आयुर्वेद के अनुसार, आपका सारा स्वास्थ्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप प्रकृति से मिली चीजों को कैसे पचाते हैं। आयुर्वेद में पाचन अग्नि को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। आपको बता दें कि पाचन टिश्यूज के निर्माण में सहायता करता है और पाचन तंत्र से बेकार की चीजें बाहर निकालता है। कमजोर पाचन तंत्र के साथ कई तरह की परेशानियां भी आती हैं। इससे गलत तरीके से खाना खाने या न खाने के कारण पेट फूलने, गैस, अपच, एसिडिटी और अनियमित मल त्याग जैसी समस्याएं होती हैं। इसके कारण आप सारा दिन भारी-भारी महसूस करते हैं। अस्वस्थ पाचन तंत्र शरीर के कारण शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा हो जाती है जिसके कारण कई सारी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में यदि आप भी जानना चाहते हैं कि पाचन तंत्र को कैसे हेल्दी बनाया जा सकता है तो आज आपको आयुर्वेदक लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताते हैं जिनसे आप इससे संबंधित समस्याएं दूर कर सकते हैं।

ऐसे मजूबत बनाएं पाचन

कमजोर पाचन तंत्र से अग्नि भी कमजोर हो जाती है। पाचन में सुधार और पाचन अग्नि को मजबूत बनाए रखने के लिए आयुर्वेद में कुछ उपाय बताए गए हैं जिन्हें आप अपनी डेली रुटीन में शामिल कर सकते हैं इससे वजन कम करने मेटाबॉल्जिम को सुधार करने और मल त्याग को नियमित करने और पाचन को प्राकृतिक तौर पर सुधारने में मदद मिलेगी।

मेडिटेशन करें

कई अध्ययनों से यह पता चलता है कि रोज काफी समय तक मेडिटेशन करने से आपके शरीर पर पॉजिटिव असर पड़ेगा और पाचन में सुधार होगा। यह शरीर के होमियोस्टेसिस को दोबारा से स्टोर करने में मदद मिलेगी जिससे पाचन तंत्र बेहतर बनेगा। रोज सुबह और शाम 20-30 मिनट मेडिटेशन करने से शरीर में एक्टिविटी आती है और भी कई फायदे होंगे।

व्यायाम और योग

योग या किसी अन्य शारीरिक व्यायाम के साथ आप अपने दिन की शुरुआत कर सकते हैं जैसे योग, दौड़ या पैदल चलना। इससे न सिर्फ आप पूरा दिन एनर्जेटिक रहेंगे बल्कि आपका पाचन तंत्र भी स्वस्थ और एक्टिव रहेगा। रोज खाने के बाद 15-20 मिनट की सैर करने से खाने को सिस्टम में जाने में और पचाने में मदद करेगी। यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं तो कुछ खाने के बाद ब्लड शुगर के स्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए आप छोटी सैर और योग की मदद ले सकते हैं।

ज्यादा न खाएं

अगर आपको यह सवाल परेशान कर रहा है कि पाचन तंत्र को कैसे बेहतर बनाएं तो इसका जवाब है कि आप अपनी खाने की आदतों को कंट्रोल करें। जब आप ज्यादा खाना खाते हैं तो आपका शरीर और पाचन तंत्र गड़बड़ा जाता है। खाने को ठीक से पचाना भी मुश्किल हो जाता है। इसके परिणामस्वरुप अपच, बैचेनी और एसिडिटी की समस्या होती है। पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए संयम और जरुरत से ज्यादा न खाएं। आयुर्वेद पेट में कुछ खाली जगह छोड़ने की सलाह भी देते हैं क्योंकि इससे खाने को आसानी से पचाने में मदद मिलेगी। खाने का निश्चित या फिर छोटे हिस्से में लेना उचित रहेगा।

पिएं हर्बल टी

दिन में हर्बल या अदरक से बनी चाय पीने से खाने का पाचन बेहतर होगा और पाचन क्रिया भी अच्छी होगी। अदरक आयुर्वेद में एक अच्छा मसाला बताया गया है, यह आंतों की मांसपेशियों को आराम देने में सहायता करता है इससे आपको गैस, एसिडिटी या अपच के लक्षणों से राहत मिलेगी।

. एक पैन में 2 कप पानी उबालें।
. इसमें आधा इंच अदरक का तना डाल दें।
. फिर 5 मिनट तक इसे उबलने दें पैन को आंच से उतार लें।
. फिर पानी को एक कप में डालें।
. पानी में टी बैग डालें और 2-3 मिनट के लिए भीगने दें।
. पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए आप खाने के बाद इसका सेवन कर सकते हैं।

अच्छा लंच करें

पाचन तंत्र को नैचुरली बेहतर बनाने के लिए दोपहर का खाना ज्यादा खाना शुरु करें। आयुर्वेद के अनुसार, दोपहर का समय शरीर को खाना पचाने के लिए सबसे बेहतर रहेगा। पाचन तंत्र दिन के समय सबसे ज्यादा मात्रा में पाचन रसों को स्त्राव करता है इसलिए दोपहर के भोजन के समय भरपूर या ज्यादा खाने के लिए कहा जाता है। शाम या रात के खाने के समय ऐसा करने से पेट पर बुरा असर होगा क्योंकि पाचन अग्नि सबसे कमजोर होती है और शरीर को खाना पचाने के लिए मुश्किल से ही समय मिलता है।

बॉडी को डिटॉक्स करें

जब पाचन में सुधार की बात आती है तो डिटॉक्सीफिकेशन जरुरी है। समय-समय पर बॉडी की सफाई करने से अग्नि को फिर से प्रज्वलित करने और टिश्यू को एक्टिव और मरम्मत करने में मदद मिलेगी। डिटॉक्सिफिकेशन सिस्टम से हानिकारक विषाक्त पदार्थों और मुक्त कणों को बागर निकालने का एक प्राकृतिक तरीका भी है। इसका शरीर में संचय अक्सर आंतों के बंद होने, अनियमित मल त्याग और इनएक्टिव पाचन प्रणाली का कारण भी बन सकता है। हफ्ते में एक बार एक फल का सेवन आपके लिए फायदेमंद रहेगा जो लोग खाना छोड़ना चाहते हैं वो मोनो डाइट फॉलो कर सकते हैं इसमें आप सामान्य खाने का सेवन फिर से शुरु करने से पहले आधे दिन तक फलों का रस या फिर कोई डिटॉक्सीफाइंग ड्रिंक पी सकते हैं।

जब पाचन तंत्र को बेहतर बनाने की बात आती है और शरीर में से विषाक्त पदार्थों के लिए निकालने के लिए आप कई चीजों का सेवन कर सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि आपके लिए सबसे अच्छी कौन सी चीज है उसके अनुसार ही आप अपनी डाइट ले सकते हैं।

By tnm

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