आजकल के युवाओं में स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है और इसके पीछे का मुख्य कारण है शराब का ज्यादा सेवन। पहले तो शराब बुजुर्ग लोग ही ज्यादा पीते थे लेकिन अब बदलते हुई लाइफस्टाइल खासकर भारी शराब पीने की आदत इस समस्या को और भी ज्यादा बढ़ावा दे रही है। ऐसे में यदि आप भी इसे पीने के शौकीन हैं तो आज आपको इसके सेहत को होने वाले नुकसान बताते हैं आइए जानते हैं।
Interstroke अध्ययन में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
2022 में हुए Interstroke के अध्ययन में पाया गया कि शराब का हाई या फिर मीडियम मात्रा में सेवन करने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। अध्ययन के अनुसार, जो लोग नियमित रुप से शराब पीते हैं उनमें स्ट्रोक का जोखिम अन्य लोगों के मुकाबले काफी ज्यादा होता है।

आखिर क्या है स्ट्रोक?
स्ट्रोक उस समय होता है जब मस्तिष्क के हिस्से को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता चाहे वह खून के थक्कों के कारण हो या फिर रक्त वाहिका फटने से। इसके परिणामस्वरुप मस्तिष्क की कोशिकाएं मर जाती हैं जिससे बोलने, चलने, सोचन या हाथ हिलाने जैसी क्षमता पर बुरा असर होता है।
लैसेंट अध्ययन ने दी चेतावनी
हाल ही लैंसेट के एक अध्ययन में यह बताया गया है कि 2020 में जहां स्ट्रोक से संबंधित मौतों की संख्या 6.6 मिलियन थी वहीं 2050 तक इसके 9.7 मिलियन तक बढ़ने की आशंका है। यह स्थिति पूरी तरह से रोकी जा सकती है और इसका इलाज भी संभव है फिर भी यह 2050 तक लगभग 10 मिलियन मौतों का कारण बन सकती है।
शराब कैसे प्रभावित करती है दिमाग
शराब का सेवन दीर्घकालिक रुप से मस्तिष्क पर नेगेटिव असर डालता है। शराब स्मरण शक्ति, संज्ञानात्मक क्षमता, व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता को भी प्रभावित करती है। नियमिय शराब का सेवन करने से मस्तिष्क के सिकुड़ने(एट्रोफी), न्यूरॉन्स को नुकसान औऱ मस्तिष्क के कार्यों के लिए जरुर सिनेप्स को नुकसान होता है। ज्यादा शराब पीने से दौरे हो सकते हैं और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। इंटरस्ट्रोक अध्ययन में यह पाया गया है कि जो लोग नियमित तौर पर शराब पीते हैं उनमें हेमोरेजिक स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं बिंज ड्रिंकिंग करने वालों में गंभीर स्ट्रोक और खराब परिणामों की संभावना भी ज्यादा होती है।

शराब से होगी ये समस्याएं
शराब पीने से सिर्फ स्ट्रोक नहीं बल्कि हाई ब्लड प्रेशर, एट्रियल फिब्रिलेशन और लिवर को हानि जैसी समस्याएं भी होती हैं जो स्ट्रोक के खतरे को और बढ़ाती हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि महिलाएं हर हफ्ते 15 से ज्यादा और पुरुष 21 से ज्यादा ड्रिंक लेते हैं तो भारतीय आबादी में स्ट्रोक का खतरा 50% तक बढ़ सकता है।
शराब ऐसे बढ़ाएगी स्ट्रोक का खतरा
शराब दिमाग की नॉर्मल एक्टिविटीज को भी रोकती है जिससे न्यूरॉन्स के बीच प्राकृतिक संपर्क टूट जाता है और मस्तिष्क की कार्यक्षमता कम होती है। इसके अलावा शराब ब्लड प्रेशर बढ़ाती है और खून में ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा बढ़ाती है जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस और इस्केमिक स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है। कुछ दिनों में ही भारी शराब का सेवन करने से शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है, खून गाढ़ा होता है और थक्का बनने का खतरा बढ़ता है जो कि स्ट्रोक का कारण बनेगा। अगस्त 2023 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी कि शराब की कोई भी मात्रा सेहत के लिए सुरक्षित नहीं है। शराब पीने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाएगा। डॉक्टरों का मानना है कि शराब के सेवन को कम करने के लिए खासतौर पर ब्रिज ड्रिंकिंग से बचना, युवाओं में स्ट्रोक का खतरा कम करने के लिए जरुरी है। मस्तिष्क के लिए शराब की कोई भी मात्रा सुरक्षित नहीं है।
