जब भी बच्चा पैदा होता है तो उसकी वैक्सीनेशन लगवाने के बारे में कहा जाता है। ये बच्चों के स्वास्थ्य और सेफ्टी के लिए बेहद जरूरी है। इससे बच्चे गंभीर बीमारियों का शिकार नहीं होते। ये प्रक्रियाएं है, जिसमें बच्चे को ऐसा टीका दिया जाता है, जिसमें रोगाणु का संशोधित या मृत रूप होता है। टीके से इम्यून सिस्टम स्ट्रोंग बनता है। इससे गंभीर बीमारियों से बचाव होता है, जैसे खसरा, कण्ठमाला, रूबेला, पोलियो आदि।
जब बच्चा पैदा होता है तो तभी से उसके टीकाकरण के बारे में सोचना शुरू कर दिया जाता है और ये अच्छी बात भी है। लोगों को पता है कि उन्होंने अपने बच्चों की सेहत ठीक रखनी है। पूरा समाज इसके लिए जागरूक है। शुरूआत में पोलियो के लिए भी बहुत सी चीजें की गई थी। लोगों को जागरूक किया गया ताकि वे बच्चों का टीकाकरण करवाएं।
सिर्फ शिशु ही लगवाते हैं टीका?
बच्चों के अलावा ये टीके बड़ी आबादी को भी लगाए जाते हैं, जिन्हें अभी तक टीका नहीं लगाया गया है। जैसे बच्चे या कुछ स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोग। इससे पूरा समुदाय स्वस्थ रहता है। अगर टीकाकरण न कराया गया तो बीमारियाँ वापस आ सकती हैं और तेज़ी से फैल सकती हैं।
वैक्सीनेशन कार्यक्रमों ने पूरी दुनिया में विभिन्न बीमारियों के उन्मूलन या कमी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जैस कि आपको बताया कि चेचक और पोलियो को पूरी तरह से मिटा दिया गया है। ये सब श्रेय सरकार को तो जाता ही है साथ में जनता को भी, जिन्होंने इसकी महत्वपूर्णता समझी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
