हमारे ग्रंथों में हर समस्या का समाधान मिलता है। फिर चाहे वो करियर संबंधी प्रॉब्लम हो, धन-धान्य संबंधी हो या फिर सेहत संबंधी। इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ मंत्रों के बारे में बताते हैं जिन्हें लेकर मान्यता है कि अगर सच्चे मन से इनका जप किया जाए तो गंभीर से गंभीर बीमारियां भी ठीक हो सकती हैं लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इन मंत्रों के जप के दौरान दवाइयां खाना या फिर चिकित्सीय सलाह को फॉलो करना बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। आइए जानते हैं इनके बारे में।
गंभीर रोग से राहत दिलवाएगा ये मंत्र
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो तो उसे नियमित्र रूप से गायत्री मंत्र ‘ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्’ का जप करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें प्रतिदिन कम से कम पांच माला और ज्यादा से ज्यादा आठ माला जप पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ करें। मान्यता है कि इस मंत्र को जपने से गंभीर से गंभीर बीमारियों से राहत मिल सकती है।

दिल संबंधी बीमारियों से मिलेगा छुटकारा
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यदि किसी को दिल संबंधी रोग की समस्या हो तो दवाइयों के साथ मंत्र का जप भी करें। इसके लिए ऋगवेद मंत्र ‘ क्क घन्नघ मित्रामहः आरोहन्नुत्तरां दिवम्। हृद्रोग मम् सूर्य हरि मांण् च नाश्यं’ का जप करें लेकिन ध्यान रखें कि इस मंत्र का जप रोज सुबह सूर्योदय के समय सूर्यदेव के सामने मुख करके 108 बार करें।
अच्छी सेहत का मिलेगा वरदान
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, स्वास्थ्य लाभ के लिए नियमित रूप से दुर्गा सप्तशती में बताये गए मंत्रों का जप करना चाहिए। नियमित रूप से सुबह-सवेरे नित्य कर्मों से निवृत्त होकर ऊन से बना आसन बिछाकर मां दुर्गा के सामने मंत्र ‘ देहि सौभाग्यमारोग्यं, देहि मे परमं सुखं रूपं देहि, जयं देहि, यशो देहि, द्विषो जहि’ का जप करें। इस मंत्र का जप 108 बार करें। साथ ही देवी मां से प्रार्थना करें कि वह आपको अच्छी सेहत का वरदान दें।

नीरोग रहने के लिए जपें ये मंंत्र
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, नियमित रूप से ‘क्क जूं सः माम्पालय पालय सः जूं क्क’ मंत्र का जप किया जाए तो व्यक्ति को आरोग्य मिलता है लेकिन ध्यान रखें कि मंत्र जप ऊन के आसन पर उत्तर दिशा की ओर मुख करके ही करें। मंत्र जप करने से पहले घी का दीपक जलाएं और शिवजी का पूजन करें। इसके बाद रुद्राक्ष की माला से एक माला जप करें। मान्यता है इस मंत्र के जप से भोलेनाथ की कृपा होगी। साथ ही सभी तरह की शारीरिक व्याधियां भी दूर होगी।
