अर्थराइटिस जिसको आमतौर पर गठिया कहते हैं यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें जोड़ों में सूजन और दर्द होता है इसलिए इस बीमारी के कारण रोजमर्रा के काम करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है हालांकि, गठिया को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता लेकिन सही लाइफस्टाइल की मदद से इसे मैनेज कर सकते हैं। इससे जुड़ी इन्हीं जरूरी बातों के बारे में लोगों को जागरूकता बनाने और इसके मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया करवाने के लिए हर साल 12 अक्टूबर को वर्ल्ड अर्थराइटिस डे मनाया जाता है। अर्थराइटिस (Arthritis) आमतौर पर जोड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ प्रकार के गठिया दिल की बीमारियों (Heart Disease) का कारण भी बन सकते हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए आपको यही बताएंगे कि कैसे अर्थराइटिस दिल को प्रभावित करता है।

क्या गठिया पहुंचाएगा दिल को नुकसान?

एक्सपर्ट्स ने इस बारे में बताया कि रूमेटॉइड अर्थराइटिस और सोराइटिक अर्थराइटिस दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकते हैं। गठिया के इन प्रकारों में शरीर में सूजन होने लगती है जिससे जोड़ों के साथ-साथ धमनियों को भी नुकसान पहुंचता है इसलिए इसके कारण हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। आपको बता दें कि दिल की बीमारियों का सबसे प्रमुख कारण एथिरोस्क्लेरोसिस यानी धमनियों का सख्त होना, सूजन के कारण तेजी से बढ़ सकता है जो बदले में कोलेस्ट्रॉल के जमाव को बढ़ाता है। धमनियों को नुकसान और कोलेस्ट्रॉल जमा होने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। हाई ब्लड प्रेशर हार्ट डिजीज की प्रमुख वजहों में से एक है।

ऐसे करें इससे बचाव

गठिया के मरीजों को नियमित रूप से दवा और डॉक्टर से सलाह लेते रहना चाहिए, ताकि सूजन और हार्ट से जुड़ी परेशानियों को मैनेज किया जा सके। गठिया को मैनेज करने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार करना भी जरूरी है।

डाइट में शामिल करें ये चीजें

डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन को शामिल करें, ताकि कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिल सके।

नियमित एक्सरसाइज करें

इसके साथ ही, नियमित एक्सरसाइज करें। एक्सरसाइज करने से सूजन कम होगी और दिल भी स्वस्थ रहेगा। इसके अलावा स्मोकिंग न करना, तनाव मैनेज करना और ब्लड प्रेशर व ब्लड शुगर को नियंत्रित करना जरूरी है।

इस बात का भी रखें ध्यान

सोराइटिक अर्थराइटिस और रूमाटॉइड अर्थराइटिस के मरीजों के लिए हार्ट हेल्थ की नियमित तौर पर जांच करवाना जरूरी है इससे किसी परेशानी का जल्दी पता लगाने और बेहतर इलाज में मदद मिलेगी। गठिया के मरीजों में दिल की बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए डॉक्टर से नियमित सलाह लेना और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है।

By tnm

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