मेटास्टेसिस तब होता है जब कैंसर कोशिकाएं ब्रेस्ट में मूल ट्यूमर से अलग हो जाती हैं और शरीर के अन्य भागों में जाकर फैल जाती हैं। ये कैंसर कोशिकाएं रक्तप्रवाह या लसीका तंत्र (लिम्फ नोड्स और वाहिकाओं का नेटवर्क जो बैक्टीरिया, वायरस और सेल अपशिष्ट को हटाता है) के जरिए यात्रा करती हैं। मेटास्टेटिक ब्रेस्ट कैंसर या स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर शरीर के किसी भी अंग में फैल सकता है। लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि कैंसर कहां तक फैला है।
दिमाग
सिरदर्द, दौरे या चक्कर आना ।
लिवर
पीलिया या पेट में सूजन ।

हड्डियां
दर्द और फ्रैक्चर ।
फेफड़े
सांस लेने में तकलीफ, घरघराहट, लगातार खांसी या बलगम या खून की खांसी।
अन्य लक्षण
. स्तन में एक नई गांठ
. पेट या मध्य भाग में दर्द
. भूख न लगना, मतली और उल्टी
. अचानक से वजन कम हो जाना

. लगातार हिचकी आना
. काफी ज्यादा थकान
. स्तन सुन्न होना या कमजोरी ।
इस बात का रखें ध्यान
यदि आपने स्तन कैंसर का निदान किया है और मेटास्टेसिस के लक्षण अनुभव कर रहे हैं तो आपको किसी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। एक डॉक्टर ब्लड टेस्ट, स्कैन और बायोप्सी सहित अलग टेस्ट के जरिए मेटास्टेटिक स्तन कैंसर का निदान कर सकता है। अपने स्तनों की नियमित जाँच करवाएं। इससे आपको किसी भी ऐसे बदलाव को पहचानने में मदद मिलेगी जो स्तन कैंसर का संकेत हो सकता है।
लक्षण
. ब्रेस्ट में गांठ या सूजन होना
. ब्रेस्ट के साइज में अंतर होना

. निप्पल से डिस्चार्ज
. ब्रेस्ट की स्किन में चेंज
. निप्पल में बदलाव
. ज्यादा थकान और वजन घटाना
