इंसान को सबसे ज्यादा सुकून अपने बिस्तर पर सोने के दौरान मिलता है। दिन भर का थका-हारा इंसान जब अपने बिस्तर पर जाता है तो उसे सुकून की नींद मिलती है लेकिन जब आपको पता चले कि इस बेड पर टॉयलेट से भी ज्यादा बैक्टीरिया है तो आप ऐसे में आप क्या करेंगे। आपके तकिया और बिस्तर पर लाखों बैक्टीरिया जर्म्स और फंगस हैं तो आपको फिर थोड़ा संभल कर रहना चाहिए।
बेड पर लगाने वाली बेडशीट को नीचे न रखें
आपको जब पता चले कि आपके घर की चादरें आपके टॉयलेट से भी ज्यादा गंदी है तो आप एक पल के लिए चौंक जरूर जाएंगे लेकिन साइंस के अनुसार, जितनी बैक्टीरिया आपके बेडशीट और पिलोकवर में होते हैं उतने तो टॉयलेट में भी नहीं होते हैं इनकी संख्या लाखों में होती है। एक स्ट़़डी के अनुसार, बेडशीट को बेड के नीचे खींचकर जमीन पर नीचे रख देते हैं जिसके कारण घर की बेडशीट्स में लाखों बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।

रिसर्च में बेडशीट पर 1 करोड़ से भी ज्यादा बैक्टीरिया
हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार, लोग अपने घरों और चादरों को कही भी उठाकर रख देते हैं। एक बेडशीट और पिलो कवर को 4 हफ्ते तक रखा गया है। उसके बाद इन चादर और तकिए को माइक्रोस्कोप से देखा गया है जिसमें साफ दिखाई दिया कि एक महीने पुरानी चादर में 1 करोड़ से ज्यादा बैक्टीरिया पनप रहे थे। बैक्टीरिया की संख्या टूथब्रश पर भी काफी ज्यादा होती है। बैक्टीरिया की संख्या 6 गुना से भी काफी ज्यादा हो गई है। इसी तरह 3 हफ्ते पुरानी चादर में देखा गया तो 90 लाख बैक्टीरिया, 2 हफ्ते पुरानी चादर में 50 लाख बैक्टीरिया और 1 हफ्ते पुरानी चादर में 45 लाख बैक्टीरिया हो सकते हैं।
तकिए होते हैं और भी गंदे
हमारे तकिए हमारी बेडशीट से भी ज्यादा गंदे होते हैं ऐसे में जरा सोचिए कि हमारे बाल और चेहरा तकिए पर ही होते हैं जिसके कारण डेड स्किन और पसीना तकिए पर ही चिपके हुए होते हैं। 4 हफ्ते तक पुराने तकिए में 12 मिलियन बैक्टीरिया होते हैं। एक हफ्ते पुराने तकिए में 50 लाख बैक्टीरिया होते हैं।

