शरीर में दर्द कई कारणों से हो सकता है। शरीर हेल्दी होने के बावजदू कई बार हाथ-पैर, गर्दन-पीठ का दर्द होता है जो नॉर्मल हो सकता है लेकिन यदि दर्द लगातार बना रहता है तो नजरअंदाज न करें नहीं तो यह क्रॉनिक पेन का कारण बन सकती है। इसमें शरीर में अक्सर ही और लंबे समय तक दर्द होता है। डॉक्टर्स पर इसे हल्के में लेने की जगह सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
क्रॉनिक बॉडी पेन कितनी खतरनाक
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर में 1.5 बिलियन से ज्यादा लोग क्रॉनिक पेन की चपेट में हैं। इसकी वजह से दिव्यांगता और लाइफ क्वॉलिटी में खराबी आ सकती है। पिछले कुछ सालों में पीठ, गर्दन, पेल्विक पेन और गठिया के दर्द कॉमन बन गया है। इसकी वजह से फिजिकल ही नहीं इमोशनल हेल्थ भी बिगड़ रही है, सबसे बड़ी चिंता की बात है कि ज्यादातर लोग इसका इलाज ही नहीं करवा रहे हैं।

शरीर में दर्द का कारण
डॉक्टर्स का कहना है कि शरीर में कई वजहों से दर्द हो सकता है। ऑटोइम्यून बीमारी, गठिया, पुराना इंफेक्शन या विटामिन-प्रोटीन की कमी से भी शरीर में दर्द अक्सर ही बना रहता है। कुछ दर्द ऐसे होते हैं, जिनका अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो बाद के लिए खतरनाक बन सकते हैं।
दर्द का इलाज
डॉक्टर्स के मुताबिक PRP थेरेपी जैसी रीजेनरेटिव मेडिसिन से दर्द से छुटकारा मिल सकता है। यह जॉइंट पेन में ज्यादा कारगर है, क्रॉनिक पेन के लिए कई तरह से डॉक्टर इलाज करते हैं। कुछ मरीज दवाईयों से ही ठीक हो जाते हैं, जबकि कुछ को एपिड्यूरल स्टेरॉयड इंजेक्शन, रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन और ट्रिगर पॉइंट इंजेक्शन देने की जरूरत पड़ सकती है। पर्सनलाइज्ड फिजिकल थेरेपी से भी इसका इलाज किया जाता है।

क्रॉनिक पेन का इलाज AI से
आजकल एआई काफी चर्चा में है, इसकी मदद से भी क्रॉनिक पेन का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। अगर आपके शरीर के भी किसी हिस्से में दर्द बना रहता है तो इसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। अगर कई सालों से दर्द की समस्या है तो तुरंत जाकर डॉक्टर से मिलें।
