पुरुषों को भी यूरिन से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसमें यूरेथ्राइटिस को भी शामिल किया जाता है। यह समस्या यूरिनरी ट्रैक्ट में सूजन के कारण होती है। क्लैमाइडिया, गोनोरिया या गैर-गोनोकोकल जैसे बैक्टीरियल संक्रमण के कारण युरेथ्राइटिस की समस्या हो सकती है। इस समस्या में पुरुषों को यूरिन पास करते समय तेज दर्द होता है। तो चलिए इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं कि युरेथ्राइटिस के इलाज कैसे किया जा सकता है।
युरेथ्राइटिस का कारण समझें
उपचार शुरू करने से पहले, युरेथ्राइटिस के कारण की पहचान करना बहुत जरूरी है। यह समस्या मुख्य रूप से बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होती है, जबकि, कुछ मामलो में यह वायरल और नॉन इंफेक्शन एटियलजि भी सूजन को बढ़ा सकते हैं। यूरिन के सैंपल की जांच के बाद डॉक्टर इस समस्या का इलाज करते हैं।

एंटीवायरल दवाएं
ऐसे मामलों में जहां वायरल एजेंट जैसे हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस, युरेथ्राइटिस को ट्रिगर करते हैं, वहां डॉक्टर रोगी को एंटीवायरल दवाएं दे सकते हैं। ये दवाएं लक्षणों और वायरल इंफेक्शन को कम करने और बार-बार फैलने के जोखिम को कम करने में मदद करती हैं जिससे युरेथ्राइटिस की सूजन में आराम मिलता है।
एंटीबायोटिक्स
एंटीबायोटिक्स का प्रयोग युरेथ्राइटिस के उपचार के लिए किया जाता हैं, मुख्य रूप से बैक्टीरियल इंफेक्शन के लिए यह दवाएं दी जा सकती हैं। क्लैमाइडियल इंफेक्शन और गोनोरिया के लिए एंटीबायोटिक्स दवाएं दी जा सकती है।
एंटी इंफ्लेमेटरी एजेंट
नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडी) या कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स दवाएं युरेथ्राइटिस से जुड़े दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकती हैं जो एंटी बैक्टीरियल के सप्लीमेंट के रूप में राहत देती हैं।
रोग को कम करने के तरीके
हाइड्रेट रहना
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इसके अलावा, सिटज बाथ या आइस पैक का उपयोग कर सकते हैं। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट की समस्या कम होती है। साथ ही, ठीक होने की प्रक्रिया में तेजी आती है। इस दौरान भारी एक्सरसाइज करने और ज्यादा देर तक बैठने के लिए मना किया जाता है।

यौन स्वास्थ्य के प्रति जागरुक
डॉक्टर लगातार कंडोम के प्रयोग और नियमित एसटीआई स्क्रीनिंग की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा रोगी को सुरक्षित यौन संबंधों के बारे में बताते हैं। यूरिनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया से बचने के लिए ऐसा किया जाता है।
साइकोलॉजिकल सपोर्ट
यूरिन से संबंधी इंफेक्शन रोगी डॉक्टर के पास जाने से कतराते हैं। ऐसे में रोगी को साइकोलॉजिकल सपोर्ट दिया जाता है। इस दौरान रोगी को साइकोलॉजिकल सपोर्ट में उनसे कई सवाल पूछे जाते हैं।
इस तरह होता है इलाज
पुरुषों में युरेथ्राइटिस से निपटने के लिए डॉक्टर कई दवाएं लिख सकते हैं लेकिन, उससे पहले रोग की सही स्थिति जानने के लिए डॉक्टर आपको यूरिन टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इसके साथ ही व्यक्ति के संक्रमण के आधार पर इलाज किया जाता है।
