पथरी की समस्या आजकल आम हो गई है, और यह खराब खानपान और बिगड़े लाइफस्टाइल के कारण बढ़ रही है। पथरी के कारण शरीर के विभिन्न अंगों में स्टोन्स बन जाते हैं, जिससे तेज दर्द होता है। यह दर्द असहनीय हो सकता है और कई बार घंटों तक चलता रहता है। किडनी स्टोन्स का इलाज बिना सर्जरी के संभव हो सकता है, लेकिन गॉलब्लैडर यानी पित्ताशय की पथरी का इलाज सर्जरी से ही किया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक छोटी पथरी अधिक खतरनाक हो सकती है, जानिए क्यों।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक पथरी के कारणों और इलाज पर कई स्टडीज की गई हैं। वे कहते हैं कि कई थियोरी और स्टडीज़ बताती हैं कि पथरी का कारण पानी कम पीना या कुछ खास खानपान हो सकता है, लेकिन गॉलब्लैडर स्टोन के बारे में अब तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। गॉलब्लैडर स्टोन्स में पेट में दर्द होने तक लोग चेकअप नहीं करवाते, और तब तक पथरी गंभीर हो जाती है। डॉक्टर कहते हैं कि मेडिकल में बड़ी पथरी से ज्यादा छोटी पथरी खतरनाक होती है।

क्यों छोटी पथरी ज्यादा खतरनाक है?

छोटी पथरी अक्सर गॉलब्लैडर में बनती है। गॉलब्लैडर शरीर का एक छोटा अंग होता है, और यहां छोटे-छोटे स्टोन्स बनने से वह आंतों में प्रवेश कर सकते हैं। गॉलब्लैडर और छोटी आंत के बीच एक पाइप जैसा रास्ता होता है, जिससे ये छोटे स्टोन्स आसानी से छोटी आंत में जा सकते हैं। यह स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि एक बार स्टोन्स आंतों में चले जाएं, तो अन्य गंभीर बीमारियों जैसे पीलिया का कारण बन सकते हैं।

गंभीर बीमारियां हो सकती हैं

जब गॉलब्लैडर में स्टोन्स होते हैं, तो उन्हें तुरंत सर्जरी करवा लेनी चाहिए। एक बार स्टोन अगर छोटी आंत में पहुंच जाएं, तो यह बहुत गंभीर स्थिति हो सकती है और मरीज को विभिन्न बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पित्ताशय की पथरी का इलाज सर्जरी से ही करना चाहिए।

पित्त की पथरी का इलाज क्या है?

गॉलब्लैडर स्टोन्स का इलाज केवल सर्जरी से संभव है। कई लोग अफवाहें फैलाते हैं कि पित्त की पथरी का इलाज दवाओं या आयुर्वेद से भी हो सकता है, लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार इसका एकमात्र उपचार ऑपरेशन है।

किडनी स्टोन और गॉलब्लैडर स्टोन की सर्जरी में अंतर

किडनी स्टोन्स और गॉलब्लैडर स्टोन्स दोनों में स्टोन्स बनते हैं, लेकिन इनका इलाज अलग होता है। किडनी स्टोन्स का इलाज बिना सर्जरी के भी किया जा सकता है, जबकि गॉलब्लैडर स्टोन के लिए ऑपरेशन जरूरी होता है। किडनी स्टोन को किडनी से बाहर निकाला जा सकता है, जबकि गॉलब्लैडर में पूरा गॉलब्लैडर ही निकालना पड़ता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

 

By tnm

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