दूध और इससे बने प्रोडक्ट्स जैसे मक्खन, दही, पनीर इन सभी को वेजिटेरियन फूड्स ही माना जाता है लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक डॉक्टर ने कुछ ऐसा बोल दिया है जिसके बाद लोगों ने बहस करनी शुरु कर दी है। इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल एथिक्स की कार्यकारी संपादक डॉ. सिल्विया कर्पगम ने यह बात कहकर विवाद और बढ़ा दिया है कि दूध जानवरों से आता है ऐसे में यह भी चिकन या बीफ की तरह नॉन वेजिटेरियन ही मानना चाहिए।
डॉक्टर सुनीता की रीशेयर पोस्ट पर छिड़ी बहस
डॉक्टर सुनीता सयामगारु ने ट्विटर पर एक थाली की तस्वीर शेयर की। इस शाकाहारी थाली में पनीर, मूंग दाल, गाजर, खीरा और प्याज, सलाद, कच्चा नारियल, अखरोट और एक कटोरी खीर थी। तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन दिया कि – ‘पति की शाकाहारी भोजन की डिनर प्लेट। इसमें प्रोटीन, फैट्स और फाइबर है’।
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डॉ. कर्पगम ने डॉक्टर सुनीता की पोस्ट को दोबारा शेयर करते हुए लिखा कि – ‘पनीर और दूध शाकाहारी नहीं है क्योंकि यह दोनों चीजें पशुओं से मिलती है’।
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चिकनी और बीफ की तरह यह भी मांसाहारी है। इस पोस्ट के बाद अब शाकाहारी और मांसाहारी खाने पर बहस शुरु हो गई है।
यूजर्स ने लगाए आरोप
कई यूजर्स का इस पर कहना है कि पनीर और दूध शाकाहारी ही है क्योंकि इन्हें बनाने के लिए किसी जानवर को नहीं मारा जाता। हालांकि इस मुद्दे पर बहस उस समय ज्यादा हो गई जब डॉ. कर्पगम ने इसकी तुलना अंडे के साथ कर दी। उन्होंने तर्क करते हुए सवाल किया कि यदि मुर्गियों को नहीं मारा जाता है को अंडा मांसाहारी क्यों होता है। ऐसे में कुछ लोगों ने उन पर दावा किया है कि वह गलत जानकारी फैला रही है जबकि बाकी लोगों को लग रहा है कि बस लोगों को अपने साथ ज्यादा जुड़ने की कोशिश कर रही है।
शाकाहारी होता है दूध
दूध गाय, भैंस, बकरी की स्तन ग्रंथियों में से आता है लेकिन इसमें किसी भी जानवर को कोई नुकसान नहीं होता है। वहीं पनीर दूध से बनता है इसलिए यह भी शाकाहारी होता है। दूध में किसी भी पषु की कोई कोशिका नहीं होती इसलिए यह नॉन वेजिटेरियन नहीं होता। यह जब मांसाहार तब होता है जब खाने में किसी जीव का मांस, खून या टिश्यूज शामिल हो। पारंपरिक भारतीय पनीर नींबू, सिरका या टाटरी के साथ बनता है। ऐसे में यह पूरी तरह से शकाहारी होते हैं।

