प्रेग्नेंसी हर महिला के लिए बहुत खास समय होता है। इस दौरान उन्हें कई तरह के शारीरिक बदलावों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शुरुआती दौर में महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखने के लिए कहा जाता है। वहीं दूसरी ओर डिलीवरी के बाद महिलाओं के लाइफस्टाइल में कई तरह बदलाव भी होते हैं जिसके कारण उनको अनिद्रा की समस्या हो सकती है। महिलाओं को डिलीवरी के बाद अनिद्रा की समस्या होना एक आम समस्या है। ऐसे में यदि समय पर उनकी समस्या का समाधान न हो तो महिला के मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। तो चलिए आपको बताते हैं कि डिलीवरी के बाद अनिद्रा के कारण-इलाज क्या हैं।
नॉर्मल है डिलीवरी के बाद नींद न आना
डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इसके कारण उनको नींद न आने की समस्या भी हो सकती है। न्यू बेबी की देखभाल को लेकर भी अक्सर महिलाएं परेशान होती हैं। पहली बार जो महिला मां बनी हो उन्हें बच्चों का पालन कैसे करना है इसकी चिंता रहती है। लगातार वह बच्चे के बारे में सोचती रहती हैं और उसके लिए उन्हें एक्टिव रहना पड़ता है इस वजह से भी उन्हें नींद न आने की समस्या लंबे समय तक हो सकती है। यह एक आम समस्या है जो कुछ महीने या हफ्ते के बाद खुद ठीक हो सकती है।

नींद न आने के कारण
हार्मोन बदलना
बच्चे के जन्म के बाद शरीर में कुछ हार्मोन्स जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर तेजी से बदलता है। इसके कारण भी आपकी नींद पर असर पड़ सकता है। जब हार्मोन असंतुलित हो जाएं तो महिलाओं को नींद नहीं आती है।
शरीर में दर्द
डिलीवरी के बाद महिलाओं को शरीर में दर्द रहता है, सी-सेक्शन रिकवरी या शरीर में कमजोरी आना भी नींद न आने के कारण बन सकते हैं। डिलीवरी के बाद उन्हें नॉर्मल स्थिति में आने के लिए कुछ हफ्ते का समय भी लगता है इसलिए उन्हें सी सेक्शन में दर्द, जलन, कमजोरी के कारण नींद आने में दिक्कत से जूझना पड़ सकता है।
बच्चे की चिंता होना
न्यू बॉर्न बेबी अक्सर रोते हैं उन्हें दूध पिलाना पड़ता है जिसके कारण महिलाओं को सारी रात जागना पड़ता है। इस वजह से भी उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती। इसके कारण उन्हें अनियमित नींद आती है। ऐसी स्थिति में महिलाओं को हमेशा बच्चे की चिंता लगी रहती है।
पोस्टपार्टम डिप्रेशन
कुछ महिलाओं को डिलीवरी के बाद पोस्टपार्टम डिप्रेशन हो जाता है जो उनकी चिंता और अनिद्रा का कारण बनेगा। कुछ महिलाएं डिलीवरी के बाद घर के काम को लेकर भी चिंता में लगी रहती हैं इसके चलते भी उनकी नींद पर असर पड़ता है।

इलाज
कॉग्नेटिव बिहेवरियल थेरेपी
डॉक्टर्स की मानें तो कई महिलाओं में कॉग्नेटिव बिहेवरियल थेरेपी के जरिए डिलीवरी के बाद नींद न आने की समस्या दूर की जाती है। इस थेरेपी में उन्हें बच्चे के साथ रहकर कैसे स्ट्रेस फी रहना है और पूरी नींद लेने ही इस पर थेरेपी दी जाती है।
सोने के कमरे पर दें ध्यान
इस बात का ध्यान रखें कि जिस कमरे में आप सो रही हैं वो ठंडा हो उसमें अंधेरा और किसी तरह की आवाज न आए। इससे भी आपकी स्लीप क्वालिटी बेहतर होगी। इसके अलावा सोने वाला बिस्तर आपका सॉफ्ट होना चाहिए और हल्के तकिए का इसमें इस्तेमाल करें।
स्लिप पैटर्न समझें
डिलीवरी के बाद आपके बेबी का स्लिप पैटर्न क्या है इसे जरुर समझें। न्यू बॉर्न बेबी ज्यादातर समय सोते हैं। ऐसे में आप घर के बाकी सदस्यों की मदद लें और खुद सोने की कोशिश करें।
हल्की एक्सरसाइज और योग करें
डिलीवरी के कुछ हफ्ते बाद आप हल्की एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन जरुर करें। इससे आपके दिमाग को शांति मिलेगी और आपका स्ट्रेस और डिप्रेशन दूर होगा।

मसाज जरुर करें
डिलीवरी के बाद कुछ महिलाओं को पीठ मसाज करने से फायदे होंगे। एरोमाथेरेपी और लोशन के साथ मसाज करने से आपके शरीर को आराम और मानसिक शांति मिलेगी।
इस बात का भी रखें ध्यान
आपको बता दें कि डिलीवरी के बाद महिलाओं को नींद न आना एक आम समस्या है हालांकि इसकी समय पर पहचान करें और इसे मैनेज करें ताकि आपको आगे जाकर परेशानी न हो। आप चाहें तो अपने घर वालों का स्पोर्ट ले सकती हैं इसके अलावा रिकवरी के लिए हेल्दी डाइट लें। यदि फिर भी समस्या दूर न हो तो एक बार डॉक्टर से संपर्क जरुर करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
