मंगलवार के दिन जालंधर के स्थानीय होटल में Shivam Fertility IVF Infertility Series-Y Cube की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें डॉ. सुगंधा की अध्यक्षता में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा की गई। बैठक में गायनेकोलॉजिस्ट संगीता कपूर मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लिया।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

डॉ. कपूर ने बताया कि 40 वर्ष के बाद महिलाओं को पेरिमेनोपॉज और आहार-व्यायाम पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस उम्र में महिलाओं को मिलेट्स (बाजरा, रागी आदि) से भरपूर आहार लेना चाहिए और साथ ही स्वस्थ आहार की आदतें अपनानी चाहिए। इसके अलावा 50 वर्ष की उम्र के बाद हर महिला को सर्वाइकल कैंसर के लिए LBC (Liquid Based Cytology) और पैप स्मीयर टेस्ट करवाने चाहिए। यह टेस्ट पांच साल पहले कैंसर का पता लगाने में मदद करता है।
टीकाकरण का महत्व

डॉ. कपूर ने महिलाओं को एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि 1 से 16 साल तक की लड़कियों को यह टीका जरूर लगवाना चाहिए, और 18 से 45 साल तक की महिलाओं को भी यह वैक्सीनेशन करवाना चाहिए।
महिलाओं के लिए व्यायाम और योग

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि महिलाओं को व्यायाम, योग और सैर की आदत डालनी चाहिए ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें।
महिला सशक्तिकरण पर संगिता सोनी का संदेश

बैठक में वड़ाला की सरपंच, संगीता सोनी भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा किए और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज के समय में समाज और परिवार की मुख्य धारा में शामिल हो रही हैं और उन्हें अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन
मंच का संचालन डॉ. अनु रामपाल ने बखूबी किया, जिन्होंने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत किया और बैठक को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया।
नये साल की शुरुआत और खेल
नये साल के अवसर पर बैठक में कुछ मनोरंजनात्मक खेल भी आयोजित किए गए, जिनमें सभी सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और इसका आनंद लिया।
प्रमुख लोग उपस्थित
बैठक में कई प्रमुख लोग उपस्थित थे, जिनमें डॉ. सुमन, डॉ. तमीना, डॉ. अनुपमा, डॉ. रेनू, डॉ. सीमा, डॉ. मनुप्रिया, डॉ. सुनैना, डॉ. पल्लवी, रितु, डॉ. नाना मार्गीट, डॉ. सुम्बर्न, डॉ. शेरोन आदि शामिल थे।
इस बैठक ने महिलाओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण, और सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया और सभी को स्वस्थ और जागरूक रहने की प्रेरणा दी।
