मुनव्वर फारूकी के बेटे मिकाइल को हाल ही में एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी का सामना करना पड़ा। स्टैंड-अप कॉमेडियन और ‘बिग बॉस ओटीटी 2’ के विनर मुनव्वर फारूकी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में बताया कि मिकाइल को ‘कावासाकी बीमारी’ हो गई थी, जिसका इलाज बहुत महंगा था। उस समय मुनव्वर के पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे, लेकिन उन्होंने किसी तरह से इलाज कराया। मुनव्वर ने खुलासा किया कि उस कठिन समय में उन्होंने पैसे उधार लेकर बेटे का इलाज कराया, लेकिन इस दौरान उनकी चिंता सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनकी सबसे बड़ी चिंता अपने बेटे की जान को लेकर थी।
कावासाकी बीमारी क्या है?

कावासाकी बीमारी जिसे मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम भी कहा जाता है, एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसल्स) को प्रभावित करती है। यह बीमारी विशेष रूप से 5 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है। कावासाकी बीमारी में दिल, फेफड़े, गुर्दे और आंतों में सूजन हो सकती है।
इस बीमारी के कारण का अभी तक पता नहीं चल सका है, लेकिन अगर इस बीमारी का समय रहते इलाज किया जाए, तो बच्चों को गंभीर परिणामों से बचाया जा सकता है। कई मामलों में यह बीमारी बिना इलाज के भी ठीक हो जाती है, लेकिन अगर इसे पहचानने में देर हो जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर दिल पर इसका असर पड़ सकता है।
कावासाकी बीमारी के लक्षण
बच्चे को लगातार बुखार रहता है, जो 5 दिन से ज्यादा बढ़ सकता है।
शरीर पर लाल चकत्ते और दाने आ सकते हैं।
शरीर के अंगों में सूजन होना।
बच्चों को पेट में दर्द, दस्त और उल्टी हो सकती है।
गर्दन के पास लिम्फ नोड्स में सूजन आ सकती है।
आंखें लाल हो जाती हैं और सूजन हो सकती है।
हाथ-पैरों की उंगलियों का लाल होना।
गले में सूजन आ सकती है, जिससे बच्चे को निगलने में समस्या हो सकती है।
यह बीमारी संक्रामक नहीं है, अर्थात यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती।
कावासाकी बीमारी कितनी गंभीर है?
कावासाकी बीमारी गंभीर हो सकती है क्योंकि इसमें शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में सूजन होती है। अगर इसका सही समय पर इलाज न किया जाए, तो यह दिल पर बुरा असर डाल सकती है और गंभीर मामलों में हार्ट अटैक का कारण भी बन सकती है। यह बीमारी सर्दियों के मौसम में ज्यादा खतरनाक हो सकती है, और अगर इलाज में देरी होती है, तो इसके परिणाम घातक हो सकते हैं।
मुनव्वर फारूकी का अनुभव
मुनव्वर फारूकी ने बताया कि जब उनके बेटे मिकाइल को कावासाकी बीमारी हुई, तो उन्हें इलाज के लिए पैसों की कमी का सामना करना पड़ा। इलाज के लिए तीन इंजेक्शन की जरूरत थी, जिनकी कीमत 25-25 हजार रुपये थी, जबकि मुनव्वर के पास सिर्फ 700-800 रुपये थे। उन्होंने पैसे उधार लेकर इलाज कराया, लेकिन उस समय उनकी चिंता सिर्फ पैसे की नहीं, बल्कि बेटे की जिंदगी की थी। यह समय मुनव्वर के लिए बहुत कठिन था, लेकिन उनके बेटे की जान बचाने के लिए उन्होंने हर संभव प्रयास किया।
