साल 2024 में भारत में कई नई बीमारियों का प्रकोप देखने को मिला, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासन के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दीं। इन बीमारियों ने न केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डाला, बल्कि समाज में डर और चिंता का माहौल भी बना दिया। आइए जानते हैं इस साल किन बीमारियों ने सुर्खियां बटोरीं और कैसे इनका असर पड़ा।
निपाह वायरस

निपाह वायरस, जो एक जूनोटिक पैरामाइक्सोवायरस है, का पहला प्रकोप भारत में मई 2018 में केरल राज्य में हुआ था। 2024 में भी निपाह वायरस के कई मामलों की रिपोर्ट आई। यह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ और सूअरों द्वारा फैलता है। निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति में बुखार, सिरदर्द, और सांस की समस्या जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, और यह मस्तिष्क में सूजन का कारण बन सकता है, जिससे मृत्यु दर भी बढ़ जाती है। इस वायरस का कोई विशेष इलाज नहीं है, और यह त्वरित उपचार की आवश्यकता है।
जीका वायरस

जीका वायरस, जो एडीज एजिप्टी मच्छर द्वारा फैलता है, का भारत में पहला प्रकोप जुलाई 2021 में केरल में हुआ था। 2024 में जीका वायरस के और भी मामले सामने आए, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई। यह वायरस गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से खतरनाक है, क्योंकि यह भ्रूण में गंभीर जन्म दोष उत्पन्न कर सकता है। जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति में बुखार, रैशेज, जोड़ों में दर्द और सिरदर्द जैसे लक्षण होते हैं।
क्रीमियन-कांगो रक्तस्रावी बुखार (CCHF)

क्रीमियन-कांगो रक्तस्रावी बुखार (CCHF), एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से मवेशियों, भेड़ों और बकरियों के संपर्क में आने से फैलता है। भारत में इस साल गुजरात, राजस्थान, केरल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में CCHF के प्रकोप की रिपोर्ट मिली। यह बुखार खतरनाक साबित हो सकता है और रक्तस्राव, शॉक और अंग विफलता जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है, जो मौत का कारण बन सकते हैं।
क्यासनूर वन रोग (KFD)

क्यासनूर वन रोग (KFD), जो एक उभरता हुआ वायरल संक्रमण है, इस साल भारत के कुछ हिस्सों में चिंता का कारण बना। यह रोग मच्छरों और जंगली जानवरों द्वारा फैलता है। क्यासनूर वन रोग के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और कभी-कभी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं शामिल होती हैं। यह वायरस जंगलों के पास रहने वाले लोगों के लिए अधिक जोखिमपूर्ण है।
चांदीपुरा वायरस

चांदीपुरा वायरस भारत में 1965 से सक्रिय है और यह मच्छरों, टिक्स और रेत मक्खियों द्वारा फैलता है। महाराष्ट्र में इसके पहले प्रकोप की रिपोर्ट मिली थी, और 2024 में इसके कुछ मामलों की फिर से पुष्टि हुई। चांदीपुरा वायरस से संक्रमित व्यक्ति में बुखार, त्वचा पर रैशेज, और कई बार गंभीर रक्तस्राव भी हो सकता है।
डेंगू: हर साल की परेशानी

डेंगू, जो एडीज एजिप्टी या एडीज एल्बोपिक्टस मच्छर द्वारा फैलता है, भारत में एक पुरानी समस्या बन चुका है। हर साल डेंगू के मामले बढ़ते रहते हैं, और 2024 में भी इसके प्रकोप में कोई कमी नहीं आई। भारत में 1780 में चेन्नई में इसका पहला प्रकोप देखा गया था, और अब यह देश के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ है। डेंगू से संक्रमित व्यक्ति में अचानक बुखार, शरीर में दर्द, और रक्तस्राव जैसे लक्षण हो सकते हैं।
जापानी इंसेफेलाइटिस

भारत में जापानी इंसेफेलाइटिस एक उभरता हुआ वायरल संक्रमण है, जो मच्छरों द्वारा फैलता है। यह संक्रमण मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है और मस्तिष्क में सूजन पैदा कर सकता है, जो मृत्यु या स्थायी न्यूरोलॉजिकल विकारों का कारण बन सकता है।
अन्य उभरते वायरस और संक्रमण
इसके अलावा, भारत में कई अन्य उभरते वायरल संक्रमणों की रिपोर्ट भी आई है, जैसे हंटावायरस, चिकनगुनिया, ह्यूमन एंटरोवायरस-71 (EV-71), इन्फ्लूएंजा, और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS) कोरोनावायरस। अधिकांश मामलों का प्रकोप पश्चिमी भारत के राज्यों में अधिक देखने को मिला है।
