प्यार को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है। कोई कहता है कि अच्छा है तो कोई बुरा। वैसे कहा जाता है कि प्यार की कोई उम्र नहीं होती। प्यार तो सिर्फ प्यार होता है, जो सिर्फ आंखों में देख कर हो जाता है।
अब प्यार होने से पहले ये नहीं देखता कि आपकी उम्र कितनी है, आप छोटे हैं या बड़े। कुछ लोगों को तो प्यार स्कूल या कॉलेज में हो जाता है जो जीवन भर साथ भी रहता है, लेकिन हर किसी के साथ ऐसा नहीं होता। वैसे भी आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कम ही लोगों के पास अपनों के लिए समय होता है, जिस वजह से रिश्तों में काफी दरारें आ गई हैं।
रिलेशनशिप पर सद्गुरु का कहना
सद्गुरु जग्गी वासुदेव का इस मामले में कि रिलेशनशिप में जाना चाहिए और गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड बनाना चाहिए कहना है कि अगर आपको किसी को डेट करना जरूरी बन गया है तो आप इसको जरूर करना चाहिए। उनका कहना है कि रिलेशनशिप को लेकर हर किसी को ट्रेंड नहीं बनाना चाहिए।
सद्गुरु ने इस पेड़ से की तुलना

उन्होंने रिलेशनशिप की तुलना आम के पेड़ से की। उन्होंने कहा कि जब किसान आम का पेड़ लगाता है तो वे उस पेड़ पर तीन से चार साल तक कोई फल नहीं आने देता। पेड़ की कलियों को तोड़ देता है और ये किसान तब तक करता है, जब तक की वे एक पेड़ न बन जाए, क्योंकि अगर किसान ऐसा नहीं करेगा तो आम का पौधा एक अच्छा पेड़ कभी नहीं बन पाएगा।
ठीक इसी प्रकार रिलेशनशिप भी है। रिलेशनशिप में कभी भी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सद्गुरु के मुताबिक लाइफ का जो टारगेट है उसे पहले पूरा करना चाहिए और बाद में रिलेशनशिप में आना चाहिए।
