आपका बच्चा कितना दुबला और पतला है, यह कुछ खाता नहीं हमारा बच्चा कितना गोल मटोल है। तुम्हारे बच्चे की तरह थोड़ी है जो देखने में ही बीमार लगता है जिन पेरेंट्स के बच्चे पतले होते हैं, उन्हें अक्सर लोगों की ऐसी बातें सुननी पड़ती है। इतना ही नहीं, बच्चों के दुबलेपन से परेशान पेरेंट्स डॉक्टर के पास जाते ही यह सवाल पूछते हैं कि कोई दवा तो बताएं, जिसे खाकर मेरा बेटा मोटा और हेल्दी हो जाए। अगर आप भी उन्हीं पेरेंट्स में हैं, जिनको ऐसा लगता है कि बच्चा अगर दिखने में मोटा है, तभी हेल्दी है और पतला है अंदरूनी तौर पर कमजोर है, तो आप गलत हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण आनंद के अनुसार, बच्चे के पतला होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि वह शारीरिक तौर पर स्वस्थ्य नहीं है। स्वस्थ बच्चों की निशानी क्या है, इस पर डॉ. तरुण आनंद ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है। आइए जानते हैं इस आर्टिकल के जरिए इस बारे में।
वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें
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स्वस्थ बच्चों की निशानी
अगर कोई बच्चा शारीरिक तौर पर दुबला-पतला है लेकिन हमेशा वह खुश रहता है, रोजमर्रा की अपनी सभी एक्टिविटी को कर रहा है, तो इसका अर्थ यह है कि वह बिल्कुल स्वस्थ है। ऐसे में पेरेंट्स को घबराने और उन्हें जबरन मोटा करने की कोई भी जरुरत नहीं है।
खुश और एक्टिव रहना
शारीरिक तौर पर स्वस्थ बच्चे अक्सर खुश और एनर्जेटिक होते हैं। वो खेल-कूद में भाग लेते हैं, चीजों में रुचि दिखाते हैं और नई चीजें सीखने की भी कोशिश करते हैं।

मजबूत इम्यूनिटी
स्वस्थ बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत होती है। वे हल्की-फुल्की सर्दी-खांसी या बुखार से जल्दी उबर जाते हैं। बार-बार बीमार पड़ना या सामान्य बीमारियों से जल्दी ठीक न होना बच्चे की इम्यूनिटी के कमजोर होने का संकेत ही माने जाते हैं।
वजन और लंबाई सही होना
उम्र के हिसाब से बच्चे की लंबाई और वजन नियमित तौर पर बढ़ रही है तो यह भी एक स्वस्थ बच्चे की निशानी ही है। आपके बच्चे का वजन और लंबाई उम्र के हिसाब से कितनी होनी चाहिए, ऐसे में जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से मिलें और समय-समय पर चेकअप करवा लें।
बौद्धिक विकास
स्वस्थ बच्चे नई बातें तेजी से सीखते हैं और उम्र के अनुसार बच्चे का बौद्धिक विकास सही तरीके से होता है। वे नई चीजों को लेकर एक्साइटेड होते हैं और उनमें समस्याओं को भी खुद ही हल करने की कोशिश करते हैं। यदि आपका बच्चा लगातार नई-नई चीजें सीखने की कोशिश कर रहा है तो आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है।
भूख का संकेत
स्वस्थ बच्चों को नियमित भूख होती है। वे खाने में भी दिलचस्पी दिखाते हैं और उन्हें अलग तरह के खाद्य पदार्थ खाने की इच्छा होती है। यदि आपका बच्चा पतला है लेकिन अपना खाना सही तरीके से खा रहा है, तो आपको किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी चाहिए।

इस बात का भी रखें ध्यान
बच्चों का मोटा होना कोई अच्छी बात नहीं है। मोटे बच्चे बेशक आंखों से देखने में अच्छे लगते हों, लेकिन शारीरिक तौर पर वह काफी सुस्त होते हैं उन्हें भागने-दौड़ने में भी परेशानी महसूस होती है इसलिए पेरेंट्स की प्राथमिकता बच्चे का स्वस्थ रहना होना चाहिए।
