अक्सर रिश्तों में लड़ाई झगड़ा होता है तो कहा जाता है कि रिश्ता और मजबूत होगा। चाहे वे रिश्ता पती- पत्नी का हो या भाई बहन का या फिर कोई दूसरा। माना जाता है कि छोटी मोटी लड़ाइयां रिश्तों को ज़िंदा रखती हैं। लड़ाइयों से डरे न, उन्हें हैंडल करना सीखें। कोशिश करें कि झगड़े से कुछ पॉज़िटिव निकालें। लेकिन कुछ चीजें हैं जो लड़ाई के बाद नहीं करनी चाहिए, यहां जानें।

झूठ-मूठ की सुलह

लड़ाई के बाद सुलह होना जरूरी है, लेकिन ये तब अच्छा लगता है जब आप अपने मन से करें। लेकिन अगर आप दिखावे में मनाते हैं तो ठीक नहीं है। ज्यादा झगड़ा हुआ है तो जाहिर है कि सुलह जल्दी और आसानी से नहीं होगी। रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिखावे वाली सुलह आपके रिश्ते के लिए अच्छी नहीं है। इससे झगड़ा पूरी तरह नहीं खत्म होता। जिससे आगे जाकर और ज्यादा दिक्कत हो सकती है।

सुझलाने में जल्दबाज़ी करना

जब लड़ाई हो तो मामले को सुझलाने के लिए बहुत जल्दबाज़ी करना ठीक नहीं है। पार्टनर को शांत होने का समय दें। अगर आपका पार्टनर गुस्से में है तो कुछ ज़्यादा ही बहसबाज़ी होने की संभावना हो सकती है। जब झगड़े का मूड हो तो कोई भी बात झगड़ा करवा सकती है। दिमाग ठंडा होने पर धीरे धीरे मामले को सुलझाने की कोशिश करें।

लड़ाई शुरू कैसे हुई याद न करें

लोग बहस के समय इस बात पर फ़ोकस करते हैं कि झगड़ा शुरू कहां से हुआ था। आप भी ऐसा करते हैं तो आदत को बदलने की कोशिश करें। झगड़े की शुरुआत पर फ़ोकस न करें। झगड़े की बात करने पर मामला खराब हो सकता है। इससे ज़्यादा गलतफहमी होगी और रिश्ता कमज़ोर होगा।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

By tnm

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