आजकल के बच्चे खाना कम और जंक फूड ज्यादा खाते हैं। इन सबके चलते उनके पेट में कीड़े होने लगते हैं। बच्चों के पेट में कीड़े होना आम बात नहीं है यह किसी गंभीर बीमारी का कारण भी हो सकता है। अब हाल ही में डॉ. इमरान पटेल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर की है। इसमें उन्होंने बताया कि बच्चों के पेट में कीड़े होने का कारण क्या है और पेरेंट्स उन्हें बचाने के लिए क्या करना चाहिए।

कारण

डॉ. इमरान पटेल के अनुसार, छोटे बच्चों के पेट में कीड़े होने की समस्या बहुत ही आम है। इसके पीछे कई कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।

वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

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अधपकी सब्जियां खाना

डॉक्टर का कहना है कि कई बार बच्चों को अधपकी या कच्ची सब्जियां खिलाने से भी यह समस्या हो सकती है। दरअसल, जब छोटे बच्चे के दांत निकल रहे होते हैं, तब पेरेंट्स उन्हें गाजर, मूली, टमाटर और खीरे जैसी सब्जियां काटकर देते हैं, ताकि वह बाइट ले पाएं और बच्चों के मसूड़ों की सनसनाहट भी कम हो, लेकिन इन सब्जियों को पकाते समय ध्यान न दिया जाए, तो यह पेट में कीड़ों का कारण बन सकता है।

बिना धोए हाथ

कई बार पेरेंट्स बच्चों का खाना खिलाते समय इस बात का ध्यान नहीं देते कि बच्चे के हाथ सही तरीके से धुले हैं या नहीं। बिना धोए या सही तरीके से न धूले हुए हाथों से खाना खाने से भी पेट में कीड़े हो सकते हैं।

मिट्टी में खेलना

खुले मैदान या पार्क में कई सारे बच्चों के साथ मिट्टी में खेलने के कारण भी उन्हें यह समस्या हो सकती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो पार्क या खुले मैदान की मिट्टी में किस जानवर या पशु-पक्षी के मल या मूत्र का त्याग किया है, इसकी जानकारी पेरेंट्स को नहीं होती। जब बच्चा इस मिट्टी में खेलता है और मिट्टी वाले गंदे हाथों को मुंह में लेता है, तो यह पेट में इंफेक्शन बनकर छाती तक पहुंच जाती है और दोबारा यह इंफेक्शन आंत में पहुंचकर पेट में कीड़ों का कारण बनती है।

दूषित पानी का सेवन

छोटा बच्चा यदि दूषित पानी का सेवन करें या दूषित पानी में पका हुआ खाना खाए तो यह पेट में कीड़े बनने की वजह बन सकता है। पेट में कीड़े होने पर बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास में भी रुकावट आने लगती है। इतना ही नहीं पेट के कीड़े वजन कम होने का कारण भी बन सकते हैं।

लक्षण

यदि आपके बच्चे के पेट में कीड़े हैं, तो उसमें नीचे बताए गए लक्षणों की निगरानी जरूर करें।

. घरघराहट

. खांसी

. सांस फूलना

. बुखार

. पित्ती (दुर्लभ)

. आपकी आंतों में संक्रमण

. पेट में तेज दर्द

. पेट में सूजन

. मतली और उल्टी

. कभी-कभी दस्त

. भूख न लगना

. अचानक से वजन कम होना

. बेचैनी

. सोने में परेशानी

नोट: डॉ. इमरान के अनुसार, यदि आपको बच्चे में ये लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

By tnm

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