पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (PIMS) में आज कॉन्वोकेशन सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस समारोह में लगभग 180 विद्यार्थी शामिल थे, जिन्हें डिग्रियां प्रदान की गईं। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह चीफ गेस्ट के रूप में मौजूद रहे। गेस्ट आफ आनर के रूप में पिम्स सोसाइटी के डायरेक्टर डा. कंवरदीप सिंह और पंजाब एग्रो के चेयरमेन मंगल सिंह थे। पिम्स के मेडिकल सुपरिटंडेंड डा. पुनीत खुराना के अलावा विद्यार्थियों के अभिभावक और पिम्स का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। समारोह की शुरूआत सरस्वती वंदना और दीप जलाकर की गई। जिसके बाद स्टूडेंट्स को डिग्रियां बांटने का कार्यक्रम शुरू हुआ।

डॉ. बलबीर सिंह ने विद्यार्थियों को दिया संदेश
स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह ने विद्यार्थियों के माता-पिता को बधाई दी। उन्होंने उनकी जिम्मेदारी के बारे में समझाया और बताया कि कितना महत्वपूर्ण है एक डॉक्टर बनना। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज के गरीब सैक्शन की मदद करने की बात कही, उन्होंने कहा कि समाज का भविष्य आप लोग ही हैं। साथ ही पंजाब में सर्व करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि खुद को कभी भगवान मत समझना और जितना पैसे के पीछे भागोगे उतनी परेशानी के पात्र बनोगे। डा. बलबीर सिंह की इस छोटी सी स्पीच ने विद्यार्थियों में एक नया जोश भर दिया।

डॉ. राजीव अरोड़ा ने विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाया
डा. राजीव अरोड़ा जो कि डायरेक्टर प्रिंसिपल हैं कॉलेज के उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि आप लोगों का प्रोफेशन, मानव सेवा करना है और इसका बहुत ऊंचा स्तर होता है। जिसमें इंसान होने के बावजूद भगवान का रूप माना जाता है। उन्होंने बताया कि जो डिग्री आज हासिल की गई वे आप सभी की मेहनत का नतीजा है।
मरीजों के उपचार को हमेशी दी जाए प्राथमिकता
अस्पताल डायरेक्टर गुरकीरत सिंह ने स्टूडेंट्स को संदेश दिया कि डिग्री प्राप्त करना आखिरी गोल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी से आशा है कि पूरी लगन, निष्ठा और मेहनत से कार्य करते हुए अपने नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि करेंगे। उन्होंने आगे बाताया कि पिम्स में सदैव मरीजों के उपचार को प्राथमिकता दी जाती है और सभी अपनी ड्यूटी को अच्छी तरह से निभाते हैं।
युवा ही हैं पूरे भारत की आस
एग्जेक्टिव चेयरमेन डा. कंवलजीत सिंह ने कहा कि युवाओं से पूरे भारतवर्ष को आस है। उन्होंने स्टूडेंट्स को कहा कि भले ही डिग्री प्राप्त कर ली गई है, लेकिन ये तो बस शुरूआत है। स्वास्थ्य सेवा और मानव सेवा जैसे केंद्रों में कदम रखना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। सभी से आशा है कि वे अपना काम ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से करेंगे।

पिम्स की एसोसिएट डीन डा. हरविंदर कौर चीमा ने कहा कि वे बहुत खुश हैं कि उनके स्टूडेंट्स को डॉ. बलबीर सिंह ने गाइड किया। वे अपने स्टूडेंट्स को यही शिक्षा देते हैं कि वे कभी भी अपने आप को बडा डॉक्टर न समझें, मरीजों के दर्द को समजें और उन्हें प्यार से ट्रीट करें। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छे डॉक्टर बनें और मरीजों की एक एंजल के रूप में सेवा करे। जीवन में कुछ पाने के लिए हमेशा मन में सीखने की इच्छा को बरकरार रखना चाहिए।
