टेक्नोलॉजी ने जिस तरह सबका काम आसान किया है, वैसे ही मुश्किल भी किया है। कहते हैं न जिन चीजों के फायदे होते हैं उसके नुकसान भी। टेक्नोलॉजी के साथ भी ऐसा ही हुआ है। टेक्स्ट मैसेज की सुविधा ने प्रेमियों के बीच होने वाले प्रेम पत्रों के आदान-प्रदान को चलन के बाहर कर दिया है। बहुत से लोग रात-रातभर मैसेजेस पर लगे रहते हैं। लेकिन जहां इसने दूरियां कम की हैं वहीं बढ़ाई भी हैं, जैसे कि मैसेज भेजकर ब्रेकअप करना।

ऐसा करना अच्छा लग सकता है लेकिन असल में इसे एक बेवकूफी की निशानी मान सकते हैं। यहां हम उन कारणों पर चर्चा करने जा रहे हैं, जिनके मुताबिक़ मैसेज पर झगड़ा करना बुद्धिमानी नहीं है।

सामने वाले की टोन का पता न लगना

टेक्स मैसेजेस में ऐसा होता है कि सामने वाले कि टोन का सही-सही पता नहीं लग पाता कि वे किस मूड में है। असल में जब एक दूसरे के आमने सामने बात हो तो पता चल जाता है कि वे किस मूड में हैं। दुखी है तो उसे समझाते हैं, खुश हैं तो खुश होते हैं। मैसेजेस में इमोजीज़ का जितना मर्जी इस्तेमाल किया जाए लेकिन फिर भी सामनेवाले की टोन समझ नहीं आती।

सामनेवाले के चेहरे के भाव न पता लगना

जब हम मैसेजेस को पढ़ते हैं तो ग़लत विचार बन सकते हैं, क्योंकि मैसेज पढ़ते समय सामनेवाले का चेहरा नहीं दिखता। शब्दों के उतार-चढ़ाव के साथ ही चेहरे के एक्स्प्रेशन की अहमियत होती है। आमने सामने बात करने पर ही पता लगता है कि सामने वाला कितना गुस्से में है या और क्यों है। इससे बात बिगड़ने का डर रहता है।

विवाद का कोई समाधान नहीं

मैसेज पर विवाद करना बेवकूफी का काम है। इसमें आप घंटों एक दूसरे को गलत साबित करने के चक्कर में लगे रहोगे, लेकिन कोई भी गलती नहीं मानेगा। इसके अलावा अगर आमने सामने बात की जाए तो समझ लग सकती है कि क्या गलती थी और अब कैसे ठीक किया जाए।

बातचीत की धीमी रफ़्तार

जब मैसेज पर बात की जाए और अगर सामने से लेट रिस्पॉन्स आए तो इंसान चिढ़ जाता है। वे सोचता है कि उसके लिए समय निकाल कर वे बात कर रहा है और सामने वाले को कद्र ही नहीं। इससे मन में गुस्सा पैदा होता है। गुस्से में इंतज़ार कर रहा इंसान उल्टे-सीधे मैसेजेस भेज देता है।

इनके अलावा बहुत सी चीजें हैं जो मैसेज के अलावा आमने सामने ठीक लगती है। मान लें आपकी लड़ाई हुई और अब सुलझाने की बारी आई तो मैसेज पर ये नहीं हो सकता है। वहीं अगर आप एक दूसरे का सामने होंगे तो गले लगाकर बात को रफा दफा कर सकते हैं। इससे आगे कोई परेशानी पैदा नहीं होती है।

By tnm

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