मशहूर बॉलीवुड सिंगर अर्जुन कानूनगो ने हाल ही में अपने वजन घटाने की यात्रा के बारे में एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पिछले 18 महीनों में उन्होंने 30 किलो वजन कम किया है। इस सफर की शुरुआत एक गंभीर एक्सीडेंट के बाद हुई, जिसमें उन्हें हिप फ्रैक्चर के साथ-साथ एक्यूट किडनी इंजरी का सामना करना पड़ा। इस कठिन दौर में उन्होंने अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
अर्जुन ने अपनी किडनी की समस्या से निपटने के लिए 6 महीने तक शाकाहारी रहने का निर्णय लिया। उन्होंने एक YouTube वीडियो में इस बदलाव के पीछे की प्रेरणा साझा की, जिसमें उन्होंने नो एब्स नो म्यूजिक चुनौती ली। इस चुनौती का उद्देश्य उन्हें खुद को प्रेरित रखना और जवाबदेह बनाना था। अर्जुन का मानना है कि किडनी की समस्याओं से निपटने में प्लांट-बेस्ड डाइट काफी सहायक हो सकती है।
प्लांट-बेस्ड डाइट का महत्व

प्लांट-बेस्ड डाइट जिसे हम वेजिटेरियन या वीगन भी कहते हैं, में सभी पशु उत्पादों को शामिल नहीं किया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कम से कम प्रोसेस किए गए प्लांट-बेस्ड फूड्स में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है। ये स्वास्थ्य के लिए कई लाभकारी होते हैं, जैसे वजन को नियंत्रित करना, कोलेस्ट्रॉल को कम करना और डायबिटीज के जोखिम को घटाना।
अर्जुन की तरह जो लोग किडनी की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उनके लिए प्लांट-बेस्ड डाइट एक अच्छी विकल्प हो सकता है। कई एनिमल-बेस्ड फूड्स, जैसे लाल मांस और कुछ समुद्री खाद्य पदार्थों में प्यूरीन नामक यौगिक की मात्रा अधिक होती है। जब प्यूरीन का मेटाबॉलिज्म होता है, तो यह यूरिक एसिड बनाता है, जिसे किडनी के जरिए निकालना पड़ता है। प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन गुर्दे की पथरी और गाउट का कारण बन सकता है।
फाइबर और आंतों का स्वास्थ्य
प्लांट-बेस्ड फूड्स में प्यूरीन की मात्रा कम होती है, जो किडनी की स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। उच्च फाइबर डाइट आंतों के स्वास्थ्य में सुधार करती है और आंतों की गतिशीलता को बढ़ाती है। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं, जो किडनी के लिए भी लाभकारी होता है। शाकाहारी आहार गुर्दे की समस्याओं और उच्च क्रिएटिनिन स्तरों को प्रबंधित करने में सहायक हो सकता है, क्योंकि इसमें पौधे आधारित खाद्य पदार्थों पर जोर दिया जाता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
