अगर आप भी किसी बेकरी या रेस्टोरेंट में डिलीवरी बॉय का काम करते हैं, और डिलीवरी कैंसिल होने पर उसे अपने घर ले आते हैं तो हो जाएं सावधान। दरअसल हाल ही में बेंगलुरु के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ उस वक्त टूट पड़ा जब एक साधारण से केक ने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। यह घटना बेंगलुरु के केपी अग्रहार स्थित भुवनेश्वर नगर की है, जहां 5 साल के मासूम धीरज की मौत फूड पॉइजनिंग से हो गई, जबकि उसके माता-पिता बलराज और नागलक्ष्मी की हालत गंभीर बनी हुई है और दोनों का इलाज आईसीयू में चल रहा है
कैसे बना एक केक मौत का कारण
घटना 6 अक्टूबर की है, जब बलराज, जो कि एक डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है, रोजाना की तरह काम पर निकला था। उस दिन शाम को उसे एक केक की डिलीवरी का ऑर्डर मिला। बलराज ने दुकान से केक लिया और जैसे ही डिलीवरी के लिए जा रहा था, ग्राहक ने ऑर्डर कैंसल कर दिया। सामान्य परिस्थितियों में बलराज को केक वापस दुकान में लौटाना चाहिए था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। बलराज ने वह केक अपने साथ घर ले आया, बिना यह जाने कि यह फैसला उसके और उसके परिवार के लिए जानलेवा साबित होगा।
केक खाने के बाद तबीयत बिगड़ने लगी
बलराज जब केक घर लेकर पहुंचा तो उसके 5 साल के बेटे धीरज ने उसे खाना शुरू किया। जल्द ही बलराज और उसकी पत्नी नागलक्ष्मी ने भी केक खाया। कुछ ही देर में तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह केक परिवार के लिए इतना खतरनाक हो सकता है। परिवार को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक धीरज की हालत बहुत खराब हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम धीरज की मौत हो गई। वहीं, बलराज और नागलक्ष्मी की स्थिति नाजुक बनी हुई है और दोनों को आईसीयू में भर्ती किया गया है।
फूड पॉइजनिंग बनी मौत का कारण
अस्पताल के डॉक्टरों ने इस घटना की प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की बात कही है। डॉक्टरों के अनुसार धीरज की मौत फूड पॉइजनिंग के कारण हुई, और यह घटना इतनी जल्दी घटी कि धीरज को बचाने का कोई मौका ही नहीं मिला। अस्पताल के डॉक्टर्स ने बताया कि बच्चे का अल्ट्रासाउंड स्कैन किया गया है ताकि मौत के सटीक कारण का पता लगाया जा सके, हालांकि प्रारंभिक रिपोर्ट में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हो चुकी है। माता-पिता की हालत गंभीर बनी हुई है और उनके ठीक होने के बाद ही इस घटना का सही खुलासा हो पाएगा।
परिवार का दर्द
बलराज और नागलक्ष्मी के दो बच्चे हैं, धीरज और उसकी एक छोटी बहन। हादसे के बाद बेटी को उसकी दादी के पास भेज दिया गया है ताकि उसे इस दुखद घटना से दूर रखा जा सके। घर में कुल चार लोग रहते थे, लेकिन अब यह परिवार बिखर चुका है। रविवार रात परिवार ने खाना खाया था, और फिर बलराज द्वारा लाया गया केक भी खाया। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह साधारण सा केक उनके जीवन को पूरी तरह से बदल देगा।
पुलिस रिपोर्ट का इंतजार
इस घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन फिलहाल माता-पिता की गंभीर स्थिति के कारण कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस को शक है कि केक में किसी तरह का ज़हर हो सकता है, जिसकी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ।
यह घटना हमें यह सिखाती है कि कितनी छोटी-छोटी लापरवाहियां भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। बेंगलुरु का यह परिवार आज भी सदमे में है, और इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
