रिश्ते को मजबूत बनाने में कम्युनिकेशन यानी बातचीत का सबसे अहम रोल है, लेकिन जब ये बातचीत छोटी हो जाए या आपका पार्टनर आपको जवाब देना बंद कर दें या फिर सिर्फ छोटे जवाब दे तो समझ जाएं कि उनका इंटरेस्ट कम हो गया है।.
शारीरिक रूप से दूरी
आप अक्सर जिसे पसंद करते हैं उसे अपने स्पर्श, आंखों और बॉडी लैंग्वेज से एहसास करवाते हैं कि आप उन्हें पसंद करते हैं, उदाहरण के लिए गले लगाना, आई कॉन्टैक्ट, हाथ पकड़ना, एक दूसरे को देखकर स्माइल करना आदि। पर जब आपका साथी ये सब करना बंद कर दे, आपसे दूरी बनाने लगे या आपको ऐसा लगे कि जितना आप उसे प्यार दे रहे हैं उतना रिटर्न में नहीं आ रहा तो समझ लें कि आपके पार्टनर की दिलचस्पी आप में खत्म होने लगी है।
वक्त साथ ना गुजारना
अगर पहले की तरह आप लोग क्वालिटी टाइम नहीं बिता पा रहे तो समझ जाएं कि आपके पार्टनर की दिलचस्पी आपमें खत्म हो गई है। उदाहरण के लिए अक्सर प्लान कैंसल हो जाना, दूसरों के साथ प्लान बना लेना आदि। ये बातें बताती हैं कि अब पहली वाली बात नहीं रही।
भावनात्मक बातें होनी बंद हो जाना
जब ऐसा हो कि आपका पार्टनर अपने इमोशन,सोच या पूरे दिन की बातें पहले की तरह बताना बंद कर दे तो समझ जाएं। जब आप भी अपनी कोई बात शेयर करेंगे तो वे उसमें ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाएंगे।
बात बात पर चिढ़ना
बात-बात पर आपका साथी चिढ़ने लगे या नाराज हो जाए, तो अलर्ट हो जाएं।
झगड़े सुलझाने की कोशिश ना करना
हर किसी के रिलेशनशिप में बहस या गलतफहमियां होती रहती हैं, लेकिन जब आप प्यार करते हैं तो समय रहते सुलझा भी लेते हैं, लेकिन अगर ऐसा होना शुरू हो जाए कि आपका पार्टनर झगड़े सुलझाने से दूर हो गए हैं या उन्हें आपके नाराज होने से कोई फर्क नहीं पड़ता तो ये संकेत है कि आपका पार्टनर अब आपसे ऊब चुका है।
जब आपका पार्टनर भविष्य की चिंता करना बंद कर दे तो इसका मतलब है कि आपका पार्टनर आपको अपने भविष्य में साथ नहीं देखता है।
