इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदों को बारे में लोगों ने बहुत कुछ सुना होगा। व्रत और रोजा जैसी पवित्र धार्मिक विधियों को भारत में बहुत श्रद्धा से मनाया जाता है। जो लोग वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं उनके लिए ये तरीका सबसे असरदार हो सकता है, लेकिन क्या ये फास्टिंग हर किसी के लिए काम कर सकती है?
Hormonal Health Concerns
थायरॉयड के मरीजों को फास्टिंग करना नुकसान दे सकता है और इस वजह से आपका थायरॉयड ओवरवर्ड करना पड़ सकता है। इससे मेंस्ट्रुअल साइकिल और फर्टिलिटी पर भी असर पड़ता है।
Physical & Mental Performance
जो लोग ज्यादा हाई लेवल के फिजिकल और मेंटल वर्क करते रहते हैं (एथलीट और कई डिमांडिंग जॉब) उनके लिए ये नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसे करने से एनर्जी की कमी, एकाग्रता की कमी और खराब परफॉर्मेंस का सामना करना पड़ सकता है।
Impact On Blood Sugar Levels
डायबिटीज या किसी भी प्रकार की ब्लड शुगर रेगुलेशन की परेशानियों से जूझ रहे लोगों को अपनी नींद और भूख के मुताबिक खाना चाहिए ताकि जिससे ग्लूकोज का लेवल बना रहे। अगर इन बीमारियों से जूझ रहे लोग ऐसा करते हैं तो शुगर का लेवल ड्रॉप और स्पाइक्स का कारण बन सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार इसके लिए आपको पर्सनल अप्रोच लेनी चाहिए। हर एक इंसान को यूनिक तरीके की न्यूट्रीशनल जरूरतें होती हैं। इसमें उम्र के हिसाब से भी ध्यान रखना जरूरी है। अगर आप ये फास्टिंग करते हैं तो आपको अपनी पसंद, जरूरत, हेल्थ कंडीशन, फिजिकल एक्टिविटीज, भूख और स्लीप रूटीन का ख्याल रखना होगा।
