भारत में पीरियड्स को लेकर बहुत सारे मिथ हैं। कोई न कोई मिथ सामने आते ही रहते हैं। उदाहरण के लिए आचार को टच नहीं करना, मंदिर नहीं जाना, किचन में नहीं जाना आदि। इन्हीं में से एक ये है कि पीरियड्स के दौरान नहाना नहीं चाहिए। जब सवाल किया गया तो जवाब मिलता है कि पीरियड्स के दौरान ज्यादा नहाने से शरीर ठंडा हो जाता है, जिससे हैवी ब्लीडिंग होती है तो चलिए जानते हैं कि इसमें कितनी सच्चाई है।
Periods में नहाना सही या गलत
इस बात का सच्चाई से कोई लेना देना नहीं है, क्योंकि आपको बता दें कि पीरियड्स के दौरान नहाने या बाल धोने से परहेज करने का कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है। अगर ऐसा लगता है कि नहाने से ठंडक यूट्रस तक जाती है तो ये बात बिलकुल गलत है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर और पूरे शरीर की त्वचा वाटरप्रूफ होती है, तो यूट्रस तक ठंडक पहुंचने का कोई सवाल ही नहीं है।
पुराने जमाने इतनी सुविधाएं नहीं थी कि महिलाएं पीरियड्स के दौरान बाथरूम में जाकर नहा सके या बोल धो सके। पहले सारे लोग कुएं या तलाब के पास ही जाते थे, जिस कारण महिलाओं के आराम के लिए उन्हें रोका जाता था।
Periods में नहाने के फायदे
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हम पीरियड्स में कभी भी बाल धो सकते हैं। पीरियड्स में नहाने से आप संक्रमण से बचती हैं, इससे बैक्टीरियल समस्याएं कम होती हैं। यदि आप गुनगुने पानी से नहाती हैं तो शरीर में ऐंठन कम होगी और आपको आराम महसूस होगा। इस समय हाइजीन रखनी बहुत जरूरी होता है।
