बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस नीना गुप्ता की बेटी और फैशन डिजाइनर मसाबा गुप्ता जल्द ही मां बनने वाली हैं। ऐसे में वह अपना प्रेग्नेंसी पीरियड खूब एन्जॉय कर रही हैं। प्रेग्नेंसी में जिस तरह से आम महिलाओं को लोग कई तरह की सलाह देते हैं, ठीक वैसी ही सलाह फैशन डिजाइनर मसाबा गुप्ता को भी मिल रही हैं। पिछले दिनों दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि लोग उन्हें बच्चा गोरा पैदा हो इसके लिए अजीब तरह की सलाह दे रहे हैं। फैशन डिजाइनर मसाबा ने बताया कि गर्भ में पलने वाले बच्चे का रंग गोरा हो, इसके लिए लोग उन्हें रसगुल्ला खाने की सलाह दे रहे हैं। मसाबा ने कहा, ‘बचपन में लोग मुझे त्वचा का रंग डार्क होने के कारण ट्रोल करते थे और अब जब मैं प्रेग्नेंट हूं, तो लोग कहते हैं रसगुल्ला खाओ, ताकि बच्चे का रंग तुम्हारी तरह सांवला न रह जाए।’ मसाबा के इंटरव्यू के बाद एक बार फिर इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या सच में प्रेग्नेंसी में रसगुल्ला और दूध का सेवन करने से गर्भ में पलने वाले शिशु का रंग गोरा होता है? तो चलिए आज आपको इस आर्टिकल के जरिए पूरी सच्चाई बताते हैं।

पोस्ट देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर करें क्लिक

https://www.instagram.com/p/C_Ik4vpIH4z/?utm_source=ig_web_copy_link

क्या प्रेग्नेंसी में रसगुल्ला खाने से बच्चे का रंग गोरा होता है?

एक्सपर्ट्स की मानें तो आज भी महिलाएं जब गर्भ धारण करती हैं, तो उनसे कहा जाता है कि वह रसगुल्ला, केसर, नारियल और दूध जैसी चीजों का ज्यादा से ज्यादा मात्रा में सेवन करें, ताकि गर्भ में पलने वाले शिशु का रंग गोरा हो सके। लेकिन मेडिकली इस बात का कोई भी प्रूफ नहीं है। हम न तो इस तरह की बातों को सच मानते हैं और न ही महिला के गर्भ में पलने वाले शिशु का रंग गोरा हो, इसके लिए इस तरह की चीजों को खाने की सलाह देते हैं। गर्भ में पलने वाले शिशु का रंग जन्म के बाद कैसा होगा यह उसके माता-पिता के जीन्स पर निर्भर करता है। यदि माता-पिता का रंग सांवला है तो बच्चे का रंग भी वैसा ही होगा। हपुराने जमाने में गर्भवती महिलाओं को रसगुल्ला खाने की सलाह इसके पोषक तत्वों के कारण दी जाती थी।

प्रेगनेंसी में रसगुल्ला खाने के अनगिनत फायदे

एक्सपर्ट्स की मानें तो रसगुल्ला दूध से बनाया जाता है, इसलिए इसमें कैल्शियम, प्रोटीन समेत कई सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। प्रेग्नेंसी में महिलाएं यदि रसगुल्ले का सेवन करें, तो इससे कैल्शियम की कमी को पूरा करके हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है। साथ ही रसगुल्ला प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली थकान और शारीरिक परेशानियों को भी कम करता है। डॉक्टर का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान रसगुल्ला खाना ठीक है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। रसगुल्ला में ज्यादा मात्रा में कैलोरी पाई जाती है। साथ ही, इसको बनाने के लिए चीनी का इस्तेमाल होता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान सीमित मात्रा में ही रसगुल्ला खाएं।

डॉक्टर की सलाह लें जरुर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रेग्नेंट महिलाएं रसगुल्ला या किसी भी अन्य तरह की मिठाई का सेवन करने से पहले अपने ब्लड शुगर की जांच जरुर करवा लें। जिन महिलाओं का ब्लड शुगर लेवल हाई है, वह मिठाई का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *