हमारी त्वचा की 3 मुख्य लेयर्स होती हैं। पहली त्वचा की सबसे बाहरी परत एपिडर्मिस (Epidermis), दूसरी डर्मिस (Dermis) और तीसरी हाइपोडर्मिस (Hypodermis)। जब त्वचा की ये परतें उम्र के साथ कमजोर होने लगती हैं, तो कोलेजन और इलास्टिन की मात्रा घटने कम होने लगती है। इससे त्वचा में लचीलापन कम हो जाता है, जिससे झुर्रियां बनने लगती हैं। झुर्रियां त्वचा पर बनने वाली पतली लाइन्स या सिलवटें होती हैं। यह उम्र बढ़ने का एक सामान्य संकेत होता है। त्वचा की सतह पर झुर्रियों का दिखना इस बात का संकेत है कि त्वचा की निचली परतें कमजोर हो रही हैं। कई लोगों की त्वचा पर समय से पहले झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे- खराब लाइफस्टाइल, स्किन केयर रूटीन फॉलो न करना, धूम्रपान करना, तनाव में रहना आदि। झुर्रियों को स्लीपिंग पोजीशन के साथ जोड़कर भी देखा जाता है। कुछ लोगों का मानना है कि सोते समय करवट लेने से शरीर और त्वचा की पोजीशन से त्वचा पर दबाव पड़ता है और झुर्रियां हो जाती हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है।
क्या करवट लेकर सोने से त्वचा पर होती हैं झुर्रियां
एक्सपर्ट्स की मानें तो करवट लेकर सोने से झुर्रियां नहीं होती। झुर्रियां त्वचा पर समय के साथ उम्र बढ़ने, सूरज की रोशनी, धूम्रपान और खराब लाइफस्टाइल के कारण होती हैं, हालांकि गलत ढंग से सोने के कारण त्वचा पर झुर्रियां हो सकती हैं। जब आप करवट लेकर सोते हैं, तो आपका चेहरा तकिए या बिस्तर पर 7 से 8 घंटे दबाव में रहता है। इससे त्वचा पर क्रशिंग इफेक्ट पड़ता है, जो समय के साथ झुर्रियों का कारण बन सकता है। इस प्रक्रिया में त्वचा का कोलेजन और इलास्टिन जो त्वचा को लचीला और मजबूत बनाते हैं, समय के साथ कमजोर होने लगते हैं। खासकर जब आप एक ही करवट पर लगातार सोते रहते हैं तो त्वचा पर दबाव के कारण त्वचा में लाइन्स और फोल्ड्स बनने लगते हैं, जिन्हें ‘स्लीप लाइन्स’ कहते हैं। ये लाइन्स धीरे-धीरे झुर्रियों में बदल सकती हैं।

चेहरे की त्वचा पर पड़ता है दबाव
जब आप करवट लेकर सोते हैं तो चेहरे की त्वचा पर निरंतर दबाव और खिंचाव होता है इससे त्वचा की सतह पर लाइन्स बन सकती हैं। त्वचा की नाजुक परतें जैसे गाल और आंखों के आसपास की त्वचा, इस खिंचाव से सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। लंबे समय तक ऐसा होने के कारण झुर्रियां बन जाती हैं।
सोते समय झुर्रियां से ऐसे करें बचाव
स्किन में बढ़ती है डैमेज की संभावना
त्वचा का कोलेजन और इलास्टिन त्वचा का लचीलापन बनाए रखने में मदद करते हैं। एक ही करवट लेकर सोने से स्किन डैमेज की संभावना भी बढ़ जाती है। इस कारण त्वचा में झुर्रियां बननी शुरू होती हैं। इसलिए अपनी स्लीपिंग पोजीशन बदलते रहें।
सोने के लिए न करें ऐसे तकिए इस्तेमाल
सोने के लिए जिस तकिए का इस्तेमाल करते हैं, उसकी सामग्री भी त्वचा पर झुर्रियों का कारण बन सकता है। कॉटन फैब्रिक, सिल्क फैब्रिक ने बने कवर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
फेशियल एक्सरसाइज
चेहरे की नियमित मालिश और फेशियल एक्सरसाइज से त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है, जिससे त्वचा का लचीलापन बना रहता है और झुर्रियों को दूर रखने में मदद मिलती है।

बदलते रहें पोजिशन
एक ही तरफ करवट लेकर सोने से त्वचा पर दबाव असंतुलित होता है, जिससे उस तरफ की त्वचा पर झुर्रियां नजर आने लगती हैं, इसलिए पोजीशन बदलते रहें।
अच्छा मॉइश्चराइजर लगाएं
सोने से पहले एक अच्छा मॉइश्चराइजर इस्तेमाल करें। इससे त्वचा को नमी मिलेगी और यह लचीली बनी रहेगी। इससे झुर्रियां आने की संभावना भी कम होती हैं। खासकर एंटी-एजिंग क्रीम या सीरम का इस्तेमाल त्वचा को पोषण देने में फायदेमंद होता है।
सनस्क्रीन जरुर लगाएं
सूरज की हानिकारक यूवी किरणें त्वचा की उम्र बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं, इसलिए दिन में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी जरूरी है ताकि झुर्रियां और अन्य एजिंग साइन्स उम्र से पहले न आएं।

त्वचा को होता है नुकसान
पीठ के बल सोने से चेहरे पर कोई दबाव नहीं पड़ता और त्वचा को नुकसान होता है। यह तरीका न केवल झुर्रियों को रोकने में मदद करता है, बल्कि रीढ़ की हड्डी और गर्दन के लिए भी फायदेमंद होता है।
