अक्सर हम अपने देवी-देवताओं के बारे में पड़ते हैं और सुनते हैं। बचपन में भी हमारे माता-पिता हमें देवी-देवताओं की कहानियां सुनाते रहे हैं। इसी कारण से हमें अपने रीति-रिवाजों और संस्कृति के बार में पता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि दूसरे देशों की संस्कृति से जुड़ी कहानियां या उनके देवी-देवता किस प्रकार के होते हैं?

तारा के स्वरूप

तिब्बती लोग आमतौर पर 21 तारा के स्वरूपों की स्तुति करते हैं। ये विभिन्न रंगों की होती हैं। इन 21 स्वरूपों में से हरी तारा और सफेद तारा बहुत लोकप्रिय है। तिब्बती भाषा में तारा को डोलमा कहते हैं और इसलिए उन्हें सफेद डोलमा भी कहा जाता है। आज इस लेख के माध्यम से आपका परिचय सफेद तारा से कराया जाएगा।

कौन हैं सफेद तारा?

सफेद तारा जिसे सीतातारा भी कहा जाता है, उन्हें लंबी आयु से जोड़ा जाता है। जब उनके मंत्र का उच्चारण किया जाता है तो वह किसी खास व्यक्ति को दिमाग में रख कर बोला या पढ़ा जाता है। उनकी अक्सर ऐसी तसवीरें बनाई जाती हैं जिसमें उनकी सात आंखें होती हैं। तिब्बत के लोग लंबे जीवन की कामना के लिए, उपचार के लिए और दीर्घायु के लिए माता सफेद तारा को याद करते हैं। उनका मानना है कि वे घावों को भरती है, फिर चाहे वे घाव शरीर पर हों या मन के अंदर।

सफेद तारा को देवी के रूप में माना जाता है। वह रेशम, आभूषणों और फूलों से सजी होती हैं। इन्हें खासकर तिब्बत और नेपाल में बहुत माना जाता है। वह कमल के फूल के ऊपर ध्यान में बैठी होती हैं, जिसे पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

उनकी सात आंखें हैं और माथे के ठीक बीच तीसरी आंख है। वहां के लोगों का मानना है कि वह दुनिया में लोगों की मदद जरूर करती हैं, लेकिन आंखें मूंदकर नहीं करती, बल्कि लोगों को जागृति की ओर बढ़ने में मदद करने में सक्षम है। उनका दायां हाथ देने के संकेत में खुला हुआ है और बाएं हाथ में नीलं रंग के कमल के फूल का तना है। यह कमल उनके कंधे के ऊपर खिलता है। इसकी खुशबू नैतिक जीवन का दुनिया पर उत्थानकारी प्रभाव डालने का प्रतीक है। माना जाता है कि उनका रंग चांदनी के रंग के सामान है और वह चंद्र देवी के रूप में प्रकट होती हैं।

ग्रीन तारा

सफेद तारा ग्रीन तारा के एकदम विपरीत दिशा में ध्यान में बैठी होती हैं। मान्यता है कि ग्रीन तारा नेपाल की राजकुमारी के रूप में प्रकटी थीं, कई लोग उन्हें मूल तारा मानते हैं। वे अमोघसिद्धी बुद्ध की पत्नी थीं। वह तस्वीरों में अक्सर अपने वाहन गरुड़ पर विराजमान दिखाई देती हैं।

सफेद तारा का जन्म

सफेद तारा भी चीनी राजकुमारी के रूप में अवतरित हुई थीं। कहा जाता है कि उनका संबंध अवलोकितेश्वर (चेनरेज़िग) से है। उनका जन्म चेनरेज़िग के करुणा से भरे आंसुओं की वजह से हुआ था। लंबी उम्र के रूप में जानने वाले बुद्ध अमिताभ की छोटी सी एक छवि सफेद तारा के सिर से थोड़ा ऊपर बैठे हुए दिखाई मिलती है।

सफेद तारा का मंत्र

सफेद तारा का मंत्र इस प्रकार है, ॐ तारे तुत्तारे तुरे मम आयुः-पुण्य-ज्ञान-पुष्टिं कुरु स्वाहा। अपने किसी प्यारे की लंबी आयु के लिए आप सफेद तारा के मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं, लेकिन उच्चारण आपका ठीक होना चाहिए और पूरी श्रद्धा से उनका पाठ करना होगा।

By tnm

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