सौभाग्य की प्राप्ति और मनचाहे वर के लिए कई ऐसे व्रत रखे जातें हैं, जिनमें वट सावित्री, हरियाली तीज, कजरी तीज, हरतालिका तीज और करवा चौथ आदि शामिल हैं, लेकिन हरतालिका तीज का व्रत काफी कठिन माना जाता है और कहा जाता है कि यह सबसे कठिन व्रतों में से एक है। इस व्रत में पूरे दिन निर्जला रहना होता है और अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है।

धार्मिक मान्याता के अनुसार मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए यह व्रत रखा था। कहा जाता है कि यह व्रत हर साल रखना चाहिए, बीच में छोड़कर व्रत नहीं माना जाएगा। बता दें कि ये व्रत आज यानि 6 सितंबर को रखा जा रहा है।

ऐसे में कहा जाता है कि गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खास ध्यान रखना चाहिए। सावधानी अपनाने से उनके गर्भ में पल रहे भ्रूण को कोई खतरा नहीं होगा। जो गर्भवती महिलाएं व्रत रखने की इच्छुक हैं, वे इस प्रकार रख सकती हैं।

कब रख सकते हैं व्रत

यदि आपका डॉक्टर आपको व्रत रखने की अनुमति दे और आपकी प्रेग्नेंसी में किसी प्रकार की समस्या न हो तो हरतालिका तीज का व्रत रख सकती हैं। डॉक्टर से सलाह लेनी बहुत जरूरी है, ताकि गर्भ में पल रहे शिशु को कोई नुकसान न हो। गर्भवती महिलाओं को पहले तीन महिने किसी प्रकार के व्रत रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इसी समय में गर्भ में भूर्ण का विकास काफी तेजी से होता है और उसे पोषण की जरूरत होती है। गर्भवतियों को निर्जला व्रत रखने से पूरी तरह बचना चाहिए। यदि निर्जला व्रत रखेंगी तो शरीर को हाइड्रेट नहीं रख पाएंगी।

क्या करें और क्या न करें

हरतालिका व्रत में गर्भवती महिलाएं नारियल पानी, दूध, जूस जैसी तरल पदार्थों का सेवन कर सकती हैं। इसमें कोई दोष नहीं है। व्रत में ठोस आहार जैसे चाय-कॉफी को ग्रहण न करें। व्रत में रात जाग कर भजन और गीत गाये जाते हैं, लेकिन गर्भवती महिलाएं इन चीजों से दूर रहे और झूला झूलने से भी पूरी तरह परहेज करें।

यदि गर्भावस्था के दौरान कोई समस्याएं आए तो व्रत न रखें, इससे गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंच सकता है और अगर प्रेग्नेंसी के दौरान व्रत छोड़ना पड़े तो किसी पंडित को पान के पत्ते में कुछ दक्षिणा आदि भेंट कर दें और भगवान के सामने पूजा-पाठ कर हाथ जोड़कर प्रार्थना कर लें।

By tnm

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