प्रेग्नेंट होने के बाद भी यदि प्रेग्नेंसी का पता न चल पाए तो यह बात सबको अजीब लगेगी। लेकिन क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी की अवस्था में यह होना स्वभाविक है। इसमें महिलाओं में प्रेग्नेंसी में कोई लक्षण नहीं दिखते। वे सामान्य जिंदगी जी रही होती उन्हें यह पता ही नहीं चलता कि उनके गर्भ में एक बच्चा पल रहा है। तो चलिए आज आपको इस आर्टिकल के जरिए बताते हैं क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी इसके लक्षण और कारण क्या-क्या होते हैं।

क्या है क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी

क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी एक ऐसी अवस्था होती है, जिसमें महिलाओं को लंबे समय तक अपने प्रेग्नेंट होने का पता ही नहीं चलता। इसमें महिलाओं में प्रेग्नेंसी के सामान्य लक्षण भी नजर नहीं आते। कुछ मामलों में गर्भावस्था की पहली तिमाही तक महिलाओं को अपने प्रेग्नेंट होने का पता नहीं चलता। इसे गुप्त गर्भावस्था, स्टील्थ प्रेगनेंसी और डिनाइड प्रेगनेंसी (Covert pregnancy, Stealth Pregnancy and Denied Pregnancy) भी कहा जाता है।

क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी के लक्षण

क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी में लंबे समय तक प्रेग्नेंसी का कोई भी लक्षण नजर नहीं दिखता इसमें गर्भावस्था की पहली तिमाही के बाद हल्के-हल्के लक्षण नजर आते हैं। क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी में महिलाओं के पीरियड्स मिस होने के बाद भी प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव आता है। दरअसल, जिन महिलाओं में यह समस्या देखने को मिलती है उनमें प्रेग्नेंसी के दौरान एचसीजी हार्मोन यानी ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन (Human Chorionic Gonadotropin) का स्तर बहुत कम होता है जबकि एचसीजी हार्मोन का लेवल ज्यादा होने पर ही प्रेग्नेंसी का पता चल पाता है।

प्रेग्नेंसी के लंबे समय बाद दिखने वाले लक्षण-

. ब्रेस्ट में दर्द या सूजन

. मूड स्विंग

. थकान

. जी मिचलाना

जो महिलाएं क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी का शिकार होती हैं, उन्हें एक समय बाद इसका पता चल जाता है। कुछ मामलों में प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही के बाद इसका पता चलता है, तो कुछ मामलों में अंतिम तिमाही में प्रेग्नेंसी का पता चलता है। इतना ही नहीं कुछ मामले ऐसे होते हैं, जिनमें डिलीवरी के समय ही इसका पता लग पाता है।

क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी के कारण

क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी बहुत ही कम महिलाओं में देखने को मिलती है। यह समस्या मानसिक और हार्मोनल कारणों की वजह से हो सकती है।

तनाव, चिंता और अकेलापन होने के कारण भी महिलाओं में क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी नजर आती है।

जिन महिलाओं का पहले कभी गर्भपात हुआ हो उनमें भी यह समस्या हो सकती है।

जीन्स या गुणसूत्र संबंधी विकारों (Genes or Chromosomal Disorders) के कारण भी महिलाओं में क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी देखने को मिलती है।

हार्मोनल बदलावों के कारण भी महिलाओं में गर्भावस्था के लक्षण नजर नहीं आते हैं।

पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम (Polycystic Ovarian Syndrome) भी इसका एक कारण हो सकता है।

गर्भनिरोधक दवाइयों का ज्यादा सेवन करने भी महिलाएं क्रिप्टिक प्रेग्नेंसी का शिकार हो सकती हैं।

इस बात का भी रखें ध्यान

पीरियड्स मिस होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ब्लड और यूरीन टेस्ट के नेगेटिव आने के बाद डॉक्टर आपको अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दे सकते हैं। जब भ्रूण विकसित होने लगता है तो इसका पता अल्ट्रासाउंड से लगाया जा सकता है। यदि आपके पीरियड्स मिस होते हैं, आप घर पर ही अपनी प्रेग्नेंसी की जांच करती हैं और रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो ऐसे में आपको तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से संपर्क करना चाहिए। कई बार यह स्थिति सामान्य होती है लेकिन कुछ मामलों में रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी आप सच में प्रेग्नेंट हो सकती हैं। ऐसे में आपको घबराने या डरने की जरूरत नहीं है, यह कुछ मानसिक और हार्मोनल कारणों के कारण भी हो सकता है।

By tnm

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