जब घर में बच्चे का जन्म होता है तो उसके साथ नए पेरेंट्स भी जन्म लेते हैं। समय के साथ-साथ जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, पेरेंट्स नई चीजें सीखते हैं और सीखाते भी हैं। वक्त के साथ चीजों पर किस तरह का रिएक्शन बच्चा दे रहा है, उससे पेरेंट्स सीखते हैं। उदाहरण के लिए जब छोटा बच्चा रोता है, तो पेरेंट्स को पता चलता है कि वह भूखा है या उसके डायपर को बदलने का वक्त हो चुका है।

कुछ महीनों के बाद जब बच्चा घुटनों के बल चलने लगता है, तो कई बार उसे चोटें आती हैं। जिसके बाद बच्चा रोने लगता है और पेरेंट्स उसे प्यार से दुलारने लगते हैं, उसके दर्द को भुलाने की कोशिश करते हैं। पहली बार बने पेरेंट्स को काफी समस्याएं आती हैं। इसी वजह से बच्चे को चोट लगने पर पेरेंट्स को किन गलतियों से बचना चाहिए, उसके बारे में कुछ टिप्स शेयर की गई हैं।

बच्चे के गिरने के बाद ये गलतियां करने से बचे Parents

  1. जब बच्चे को चोट लगे तो उसके पेरेंट्स को डांटने और चिल्लाने से दूर रहना चाहिए। इस वजह से बच्चे पर नेगेटिव इफेक्ट पड़ सकता है।
  2. जब बच्चा गिरता है तो कुछ लोग बच्चे को गोदी में उठाकर बाहर घूमाने ले जाते हैं या पसंदीदा चीजें दिलवा देते हैं। माता-पिता को ऐसा नहीं करना चाहिए। इस हरकत से बच्चे की आदतें खराब हो सकती हैं।
  3. जब बच्चा गिरता है तो वह तुरंत रोने लग जाता है, जिस वजह से माता-पिता घबरा जाते हैं। इस अवस्था में पेरेंट्स काफी सहम जाते हैं, उन्हें समझ नहीं आता कि किस प्रकार रिएक्शन दिया जाए। पेरेंट्स को समझना चाहिए कि ऐसे हालातों में दिमाग को शांत रखें और घबराएं बिल्कुल भी नहीं। पेरेंट्स को शांत रूप से व्यवहार करना चाहिए और बच्चे से प्यार से कारण पूछना चाहिए। चोट लगने के कारण बच्चे के दिमाग में कई बार डर भी बैठ सकता है। जिस वजह से बच्चे को गले लगाकर शांत करना चाहिए।

चोटों की जांच करना

अगर बच्चा किसी वजह से सीढ़ियाों से गिर जाता है, तो तुरंत चोटों की जांच करें। अगर बच्चे के शरीर पर किसी तरह की सूजन, चोट या लाल निशान नजर आते हैं, तो इस विषय पर डॉक्टर से बात करें। यदि बच्चे का गिरना मामूली था तो उसके आत्मविश्वास को बढ़ाया जाए, उसे उठने और खेलने के लिए बोलें। इस वजह से वह छोटी-छोटी बातों पर घराएगा नहीं।

By tnm

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