पेरेंट्स बनना जितनी खुशी की बात है, उतनी ही बड़ी ये जिम्मेदारी भी है। बच्चा होने के साथ माता-पिता की जिम्मेदारी और उन्हें सही पालन-पोषण देना एक बड़ी चिंता बन जाती है। बढ़ते बच्चों को संभालना भी काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बच्चे के सोने का समय निर्धारित करना बहुत मुश्किल है। शिशुओं के सोने या जागने का कोई तय समय नहीं होता जिसका असर न सिर्फ शिशु बल्कि उसके माता-पिता के स्वास्थ्य पर भी होता है। ऐसे में यदि आपको भी अपने शिशु को सुलाने में मुश्किल का सामना करना पड़ता है तो चलिए आपको कुछ टिप्स बताते हैं। आइए जानते हैं।

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बच्चे को सुलाने के लिए क्या करें?

देखभाल करने वाले पर निर्भर कम रहे

जो बच्चे की देखभाल करता है बच्चा बार-बार उसके साथ रहना या उसके साथ ही सोने की कोशिश करता है। इसलिए, आप शिशु को देखभाल करने वाले की मौजूदगी की जगह आप सोने के समय के रुटीन से जुड़ने की लिए उन्हें प्रोत्साहित करें। इससे आप बच्चे को बिना किसी बाधा के उसके डेली रूटीन के हिसाब से सुला सकते हैं। यदि आप आज के समय में अपने बच्चे को सुलाने के लिए झुलाते हैं तो धीरे-धीरे अपने शिशु को झूलाना कम करें।

सोने के समय पर रखें नजर

सोने के समय की बात करें तो बच्चे के लिए सोने का समय बहुत जरूरी है। यदि आपका बच्चा बहुत थका हुआ है तो यह बात लंबे समय तक शिशु के सोने में परेशानी का कारण बन सकता है। अपने बच्चे के नींद के संकेतों पर ध्यान दें, जैसे कि आंखें रगड़ना, जम्हाई लेना या चिड़चिड़ा होना और जब वे सोने के लिए तैयार होने के संकेत दिखाए तो उन्हें बिस्तर पर सुलाने की कोशिश करें। इसके अतिरिक्त, एक तय समय पर बच्चे को सुलाने के लिए टिके रहें। इससे आपके बच्चे के इंटरनल क्लॉक को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी, जिससे उनके लिए हर रात एक ही समय पर सोना भी आसान हो जाएगा।

एक ही समय पर सुलाएं

सोने के समय की समस्या को कम करने का सबसे सही तरीका है एक रुटीन रखना। बच्चे स्थिरता से बढ़ते हैं, और जब उन्हें पता होता है कि क्या होने वाला है, तो वे ज्यादा सुरक्षित और तनावमुक्त महसूस करते हैं। हर रात एक ही चीज करने से शुरुआत करें जैसे गर्म पानी से नहलाना, हल्की मालिश, पजामा पहनना, छोटी कहानी सुनाना और लोरी गाना। यह रूटीन आपके बच्चे को संकेत देती है कि उनके आराम करने का समय हो गया है और वे मानसिक और शारीरिक रूप से सोने के लिए तैयार हो गए हैं। इस बात को रोजाना सुनिश्चित करें कि बच्चे के आसपास शांति और सुखदायक भरा वातावरण बना रहे।

इन टिप्स को अपने शिशु को सुलाने के लिए आप उनकी रूटीन में शामिल कर सकते हैं, ताकि शिशु एक बेहतर और आरामदायक नींद ले पाए।

By tnm

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